
अस्सी घाट पर चौकी हटाने के दौरान विवाद, मारपीट का आरोप, पुलिस कार्रवाई पर सवाल।
वाराणसी। नगर निगम द्वारा अस्सी घाट पर अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत घाट पर रखी गई चौकियों को हटाया जा रहा था। इसी दौरान दो पक्षों के बीच विवाद उत्पन्न हो गया। एक पक्ष ने आरोप लगाया कि नगर निगम ने एक विशेष वर्ग से मिलीभगत कर चुनिंदा लोगों की चौकियां हटवाई हैं। आरोप है कि आरोप–प्रत्यारोप के बीच एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर नगर निगम और अस्सी चौकी इंचार्ज तथा पुलिस की मौजूदगी में हमला कर दिया। मौके पर मौजूद चौकी इंचार्ज ने दोनों पक्षों को थाने ले जाकर बैठाया। पीड़ित पक्ष की ओर से मारपीट को लेकर थाने में तहरीर भी दी गई।
पीड़ितों का कहना है कि तहरीर देने के बावजूद पुलिस और नगर निगम की मौजूदगी में उनके साथ दोबारा मारपीट की गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आरोप लगाया गया कि दबाव में आकर पुलिस ने मारपीट करने वाले लोगों को छोड़ दिया।प
इस मामले में बटुक महाराज ने आरोप लगाया कि नगर निगम श्रवण मिश्रा और उनके पिता बलराम मिश्रा के उकसावे पर उनकी चौकियां जबरन हटवा रहा है। विरोध करने पर उनके लोगों पर हमला किया गया। उन्होंने कहा कि दूसरे पक्ष द्वारा बहुत पुराने दस्तावेज दिखाकर यह दावा किया जाता है कि अस्सी घाट उनके पूर्वजों का है और वे लंबे समय से तीर्थ पुरोहित व पंडा के रूप में कार्य करते आ रहे हैं, जबकि उनका परिवार भी पिछले 40–50 वर्षों से अस्सी घाट पर तीर्थ पुरोहित का कार्य करता चला आ रहा है। बटुक महाराज ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित लोगों द्वारा आए दिन मारपीट की जाती है तथा गंगा आरती के दौरान अवैध वसूली के कई वीडियो और फोटो पहले भी वायरल हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि घाट पर अवैध रूप से कार्यालय बनाया गया है, नगर निगम के चेंजिंग रूम पर कब्जा किया गया है और गंगा आरती के समय श्रद्धालुओं से अवैध वसूली की जाती है। उन्होंने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री से मामले का संज्ञान लेने की मांग करते हुए कहा कि घाटों पर किए गए अवैध कब्जे हटवाए जाएं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
