
उद्गार सभागार में मासिक कवि गोष्ठी का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया।
वाराणसी उद्गार सभागार में मासिक कवि गोष्ठी का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार *डॉ. डी. आर. विश्वकर्मा ने की। इस अवसर पर *डॉ. राकेश चंद्र पाठक ‘महाकाल’ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि एन. बी. सिंह ने विशिष्ट अतिथि के रूप में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम में प्रकाशक एवं प्रधान संपादक पंडित छतिश द्विवेदी ‘कुंठित भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। गोष्ठी का सफल एवं सशक्त संचालन *कवि सुनील कुमार सेठ ने किया। कार्यक्रम के दौरान साहित्य जगत के वरिष्ठ रचनाकारों *डॉ. दयाराम विश्वकर्मा, जगदीश नारायण गुप्त, डॉ. राकेश चंद्र पाठक ‘महाकाल’ एवं तेजबली पाल ‘अनपढ़’ के जन्म माह का सामूहिक रूप से हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सभी जन्मदिवस मनाए जा रहे साहित्यकारों को अंगवस्त्र, पुष्प एवं साहित्यिक सम्मान प्रदान कर दीर्घायु एवं सृजनशील जीवन की शुभकामनाएँ दी गईं। कवि गोष्ठी में अनेक प्रतिष्ठित साहित्यकारों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इनमें प्रमुख रूप से *डॉ. लियाकत अली ‘जलज’, डॉ. अनिल सिन्हा ‘बहुमुखी’, चन्द्र भूषण सिंह, आशिक बनारसी, नन्दलाल राजभर ‘नंदू’, डॉ. जगदीश नारायण गुप्त, रामनरेश पाल, . एल. पटेल ‘अयन’, विदुषी सहाना, मुनिन्द्र पांडेय “मुन्ना”, जयप्रकाश मिश्रा ‘धानापुरी’, कैलाश यादव, विजय चंद्र त्रिपाठी, दिनेश दत्त पाठक, विमल बिहारी, सिद्धनाथ शर्मा ‘सिद्ध’, श्रीमती उषा पांडेय ‘कंचन’, विनय कुमार गुप्ता ‘तन्हा’, कुंवर ‘नाजुक’, आनंद पाल, बाबा रामचंद्र, अलियार प्रधान, राजेंद्र प्रसाद गुप्त ‘बावरा’, जीउत लाल विश्वकर्मा, बैजनाथ प्रसाद श्रीवास्तव, देवेंद्र पांडेय, दीपक श्रीवास्तव ‘दबंग’ सहित अनेक रचनाकार उपस्थित रहे। गोष्ठी में कवियों ने देश, समाज, संस्कृति, प्रेम और समसामयिक विषयों पर आधारित रचनाओं का सशक्त पाठ किया, जिसे श्रोताओं ने भरपूर सराहा। अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. डी. आर. विश्वकर्मा ने साहित्य की सामाजिक भूमिका पर प्रकाश डालते हुए ऐसे आयोजनों को रचनात्मक संवाद का सशक्त माध्यम बताया। मुख्य अतिथि डॉ. राकेश चंद्र पाठक ‘महाकाल’ ने कवियों को निरंतर लेखन एवं साहित्य सेवा के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन अंचला पांडेय द्वारा संवाद के साथ सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ।
