अयोध्या जनपद के जखौली क्षेत्र में अचानक हुई बेमौसम बारिश, तेज आंधी और तूफान ने ईंट भट्टा उद्योग को गहरी चोट पहुँचाई है। भारी बारिश के चलते भट्टों पर रखी कच्ची ईंटें पूरी तरह गल गईं, जिससे उत्पादन ठप हो गया और भट्टा संचालकों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
भट्टा मालिक अरबाज खान, उमैर अहमद, अंसार खां और मुन्ना ने बताया कि अचानक बदले मौसम ने उनकी पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया। भट्टों पर तैयार की गई कच्ची ईंटें बारिश में खराब हो गईं, जबकि जिन भट्टों में फुकाई चल रही थी, वहां मजबूरी में आग रोकनी पड़ी, जिससे ईंधन की लागत और नुकसान दोनों बढ़ गए।
भट्टा स्वामी तनवीर अहमद और मो. अमन खान का कहना है कि बिना मानसून के हुई इस अप्रत्याशित बारिश ने भट्टा उद्योग को गंभीर आर्थिक संकट में डाल दिया है। उत्पादन रुकने से बाजार में ईंटों की भारी कमी हो गई है, जिसका सीधा असर दामों पर पड़ा है।
उत्पादन घटने और मांग बढ़ने के कारण अयोध्या और आसपास के जिलों में ईंटों की कीमत ₹7,000 से बढ़कर ₹8,000 प्रति हजार तक पहुँच गई है। वहीं रुदौली क्षेत्र में मात्र दो दिनों के भीतर ही ₹1,000 प्रति हजार की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
जीडीआई भट्टा मालिक मो. इरफान ने बताया कि बारिश के चलते ईंटों को सुखाने और पकाने की पूरी प्रक्रिया ठप हो गई है। इसके साथ ही कोयले के दाम और परिवहन खर्च में वृद्धि भी ईंटों के महंगे होने का बड़ा कारण बन रही है। भट्टा मालिकों का मानना है कि बारिश से हुए नुकसान के चलते ईंटों के ऊँचे दाम आने वाले कुछ महीनों तक बने रह सकते हैं।

0 views

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *