
एम डी न्यूज़ अनिल यादव मवई अयोध्या।की रिपोर्ट
इंसानियत, संवेदना और सामाजिक सरोकार की एक मिसाल उस वक्त देखने को मिली, जब पूर्व विधायक व पूर्व मंत्री सैय्यद अब्बास अली जैदी उर्फ रुश्दी मियां करंट से मृत किसान के शोकाकुल परिवार के घर पहुंचे और उन्हें टूटने से बचाने का काम किया।
तीन दिन पूर्व गौरी का पुरवा, मजरा फिरोजपुर मखदूमी निवासी रज्जन लाल यादव पुत्र बरसाती लाल यादव (उम्र लगभग 40 वर्ष) की खेत में लगे झटके के करंट की चपेट में आने से दर्दनाक मृत्यु हो गई थी। अचानक हुई इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, पत्नी बेसहारा हो गई और तीन मासूम बच्चों के भविष्य पर अंधेरा छा गया।
इस हृदयविदारक स्थिति की जानकारी मिलते ही रुश्दी मियां पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। उन्होंने शोक-संतप्त परिजनों को ढांढस बंधाया और तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की। इतना ही नहीं, उन्होंने मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए मृतक के 1 बच्चा 8 वर्ष 2 दूसरी बच्ची 6 वर्ष 3 तीसरी बच्ची 6 वर्ष के बच्चों की पूरी पढ़ाई-लिखाई का जिम्मा स्वयं उठाने की घोषणा की।
इस मौके पर रुश्दी मियां ने कहा,
“यह केवल एक परिवार का दुख नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। इन बच्चों की शिक्षा और भविष्य की चिंता अब मेरी जिम्मेदारी है। गरीबी और मजबूरी उनकी राह में रुकावट नहीं बनेगी।”
उनकी इस घोषणा के बाद परिवार की आंखों में आंसू और दिल में उम्मीद की लौ जल उठी। गांव और क्षेत्र में रुश्दी मियां के इस कदम की जमकर सराहना हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे हमेशा दुख-सुख में आम जनता के साथ खड़े रहे हैं और आज फिर उन्होंने यह साबित कर दिया।
क्षेत्रवासियों ने कहा कि ऐसे जनप्रतिनिधि ही समाज के सच्चे सेवक होते हैं, जो पद, राजनीति और लाभ से ऊपर उठकर मानवता और करुणा को प्राथमिकता देते हैं।
रुश्दी मियां का यह कदम न सिर्फ पीड़ित परिवार के लिए संबल बना, बल्कि समाज के लिए यह संदेश भी दे गया कि अगर संवेदना जीवित रहे, तो कोई भी परिवार अकेला नहीं होता।
