
एम डी संवाददाता प्रशांत जैन बदायूँ की रिपोर्ट
बिल्सी। नगर के मोहल्ला संख्या एक स्थित प्राचीन हनुमानगढ़ी मंदिर के निकट खेतों में लंबे समय से जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण करीब 150 बीघा कृषि भूमि प्रभावित हो गई है। सालभर खेतों में पानी भरा रहने से किसान खेती करने में असमर्थ हैं, जिससे उनकी आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। समस्या के समाधान की मांग को लेकर रविवार को किसानों ने प्रदर्शन कर अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट किया। यहां के किसानों का कहना है कि जलभराव की समस्या को लेकर वे कई बार स्थानीय नगर पालिका परिषद प्रशासन को अवगत करा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। नालियों की सफाई और जलनिकासी की व्यवस्था न होने से बरसात के बाद हालात और भी खराब हो जाते हैं। खेतों में महीनों तक पानी भरा रहता है, जिससे फसल बोना तो दूर, खेत में जाना तक मुश्किल हो जाता है। फसल न होने से किसानों की आमदनी पूरी तरह ठप हो गई है। परिवार का भरण-पोषण, बच्चों की शिक्षा और दैनिक जरूरतें पूरी करना कठिन होता जा रहा है। कई किसानों ने कर्ज बढ़ने की भी बात कही। वहीं, खेतों में भरे दूषित पानी से मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है, जिससे डेंगू व मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बना हुआ है। किसान चेतन यादव, श्योराज सिंह, रामवीर सिंह, सोबरन सिंह पाली, सुरेश बाबू, वीरेश कुमार, पान सिंह, राजेंद्र सिंह आदि ने प्रशासन से शीघ्र स्थायी जलनिकासी व्यवस्था कराने की मांग की है।
