अलीगढ़ से कमल शर्मा राजू की रिपोर्ट
अलीगढ़ में दो बहनों की विदाई से पहले पिता की मौत हो गई। दोनों की एक साथ शादी की रस्में हुईं। एक ही मंडप में सात फेरे लिए। खुशी के माहौल के बीच अचानक पिता की तबीयत बिगड़ गई। वो कन्यादान के बाद मंडप में ही गिर पड़े। परिवार के लोग उन्हें अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

दुल्हन बनीं दोनों बेटियां पिता की मौत पर बिलख पड़ीं। विदाई की रस्म को जैसे-तैसे पूरा किया गया। सोमवार दोपहर पिता का अंतिम संस्कार किया गया। परिवार वालों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत हल्की खराब थी। इसके बावजूद पिता भी शादी की रस्मों में शामिल हुए। घटना जट्टारी गांव की रविवार रात की है
एक ही मंडप में 2 बेटियों का कन्यादान
टप्पल क्षेत्र के बैरमगंज के रहने वाले चुरामन शर्मा (65) किसान थे। उनकी पांच बेटियां और एक बेटा हरिओम शर्मा हैं। तीन बेटियों की शादी पहले ही हो चुकी है। दो अन्य बेटियों तारा और ममता का रिश्ता पिसावा के मड़ा-हबीपुर गांव के दो सगे भाइयों विपिन और मोनू के साथ तय किया।

शादी के लिए पास के जट्टारी में एक मैरिज हॉल में बुक किया गया। 8 फरवरी को बारात आई। रविवार रात करीब 9 बजे जट्टारी स्थित आशीर्वाद फार्म हाउस में दोनों दूल्हे बारात लेकर पहुंचे। बारातियों का स्वागत किया गया।

बारातियों में परिवार के सभी सदस्य, दोस्त पड़ोसी व अन्य रिश्तेदार शामिल थे। लॉन के बाहर बारातियों ने जमकर डांस किया।
फिल्मी गानों पर दोस्त झूमते-गाते मंडप तक पहुंचे। बारातियों के पीछे दोनों दूल्हे एक ही रथ पर सवार होकर मंडप तक पहुंचे। दोनों की शादी की सभी रस्में भी सिलसिलेवार हुईं।
विदाई की तैयारियों के बीच बिगड़ी तबीयत
परिवार के सदस्यों ने बताया कि चुरामन शर्मा स्वयं शादी की व्यवस्थाओं में लगे हुए थे। विदाई की तैयारियां चल रही थीं। तभी अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। हम लोग उन्हें संभाल पाते, उससे पहले ही उन्होने दम तोड़ दिया। सोमवार को परिवार के सदस्यों ने चुरामन शर्मा का अंतिम संस्कार किया।
रिपोर्ट: कमल शर्मा राजू अलीगढ़
