मंडल ब्यूरो चीफ अयोध्या तेज बहादुर शर्मा की रिपोर्ट

बाराबंकी:- सूरत गंज क्षेत्र ग्राम गौराचक में आयोजित पांच दिवसीय श्रीराम कथा का बुधवार को समापन हुआ। कथा के समापन मौके पर भी बड़ी संख्या में धर्मालुजनों ने पहुंचकर श्रीराम कथा का आनंद लिया।कथा के अंतिम दिन पांच दिनों तक राम कथा के जरिए से ज्ञान गंगा प्रवाहित करने वाले महाराज का सम्मान किया ने उन्हें पुष्पों का हार, शाल एवं श्रीफल भेंटकर उनका सम्मान किया। कथा समापन के अवसर पूर्णाहुति हवन और महाप्रसादी का भी आयोजन हुआ। चन्द्रशेखर ने श्रीकृष्ण सुदामा मित्रता श्रीकृष्ण के पूरे परिवार एवं राजा परीक्षित मोक्ष की कथा श्रवण कराई। आपने धर्मसभा में कहा कि राजा परीक्षित ने सुखदेव के मुखारविंद से जब तक उन्होंने कथा नहीं सुनी थी तब तक वे अपनी मृत्यु के भय से भयभीत थे। हालांकि सात दिवस तक पूरे मनोभाव से भगवान विष्णु के सभी अवतारों व श्रीकृष्णजी की लीलाएं सुनकर वे अपनी मृत्यु के भय से भयमुक्त हो गए राम कथा मनुष्य को भय से मुक्त करती है। मनुष्य जो कि सांसारिक मोह बंधनों से बंधा है, वह यदि श्रीमद् भागवत को मनोभाव से सुनता है तो उसको सभी मोह बंधनों से मुक्ति मिलती है तथा वह भगवान हरि के चरणों में स्थान पा लेता है। श्रीमद् भागवत के सभी अक्षर जीवन में नई प्रेरणा देते है। इस अवसर पर मोहन रावत, प्रधान बृजेश कुमार, पूर्व प्रधान सूरतगंज ब्लाक प्रमुख शेखर, गौरीकांत दीक्षित(आनन्द ), भाजपा नेता.लवलेश, डॉक्टर सूरज मनोज कुमार, कुवारे, विजय प्रताप, हरिओम, मुकेश कुमार, बबलू, विक्रम, प्रदीप, विजयपाल, अभिषेक, रामफेर, केशवराम, अनंतराम, राममिलन, कुट्टू, साधुराम, ओमकार, अमरेश आदि तमाम भक्त मौजूद रहे।
