रिपोर्टर कृष्णानंद वर्मा एम डी न्यूज़

बाराबंकी । मसौली थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ागांव एक बार फिर लापरवाही को लेकर सुर्खियों में है। सरकार द्वारा मरीजों को त्वरित जांच सुविधा देने के उद्देश्य से लगाया गया हेल्थ एटीएम महीनों से बंद पड़ा है, जो अब केवल शोपीस बनकर रह गया है।एक ओर प्रदेश सरकार आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा लिखी गई जांच पर्ची लेकर जब मरीज लैब टेक्नीशियन के पास पहुंचते हैं तो उन्हें दो-दो दिन बाद रिपोर्ट देने की बात कहकर टाल दिया जाता है।
मरीजों का आरोप है कि मजबूरी में उन्हें प्राइवेट लैबों का सहारा लेना पड़ रहा है, जहां महंगे दामों पर जांच करानी पड़ती है। इससे गरीब और ग्रामीण मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल के जिम्मेदार कर्मचारी अपने कर्तव्यों से हाथ खींचते नजर आ रहे हैं, जिससे सरकारी योजनाएं दम तोड़ती दिखाई दे रही हैं। हेल्थ एटीएम जैसी महत्वपूर्ण सुविधा का बंद रहना स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही को उजागर करता है।
अब सवाल यह उठता है कि
कब चालू होगा हेल्थ एटीएम
मरीजों को कब मिलेगी समय पर जांच रिपोर्ट
जिम्मेदारों पर होगी कोई कार्रवाई या नहीं। रिपोर्टर कृष्णानंद वर्मा
