रिपोर्टर गौरव कुमार एम डी न्यूज़ बरेली

एम डी न्यूज़


बरेली के इज्जतनगर स्थित भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों ने बड़ी उपलब्ध हासिल की है। वैज्ञानिकों ने वैक्सीन, डायग्नोस्टिक किट, दवाओं आदि के परीक्षण के लिए भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) के वैज्ञानिकों ने चूहों की विशेष प्रजाति इंडीमस विकसित की है। 2025 में विकसित प्रजाति को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने पंजीकृत किया है। पशु आनुवांशिकी विभाग के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. पुष्पेंद्र कुमार के मुताबिक, पशुओं और मनुष्यों में बीमारियों की रोकथाम के लिए बनाई जा रही डायग्नोस्टिक किट, टीके, दवाओं के लैब में परीक्षण के लिए इंडीमस प्रजाति के चूहों का प्रयोग किया जा रहा है। नतीजे विदेश से मंगाए जा रहे चूहों की प्रजाति के सापेक्ष ज्यादा सटीक और प्रमाणिकता 99 फीसदी से ज्यादा है। जल्द ही ये चूहे सरकारी और निजी संस्थानों में शोध कार्य के लिए प्रयोग किए जाएंगे। प्रधान वैज्ञानिक डॉ. पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि 55 जोड़ी स्विस एल्बीनो आउटब्रिड चूहों को आधार बनाकर शोध शुरू हुआ। जो चूहे जन्मे, उन्हें भी एक पिंजरे में रखा ताकि आनुवांशिक गुण समान हों। प्रत्येक पीढ़ी के साथ चूहों के आनुवंशिक गुण आंकने के लिए माइक्रो सेटेलाइट जेनेटिक मार्कर से जांच की गई। आठवीं पीढ़ी से समानता नजर आने लगी। एकरूपता 99 फीसदी तक पहुंचने के लिए आठ साल तक 13,500 चूहों पर परीक्षण किए गए। 20वीं पीढ़ी में अनुकूल परिणाम मिला।

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By MD News

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