फतेहाबाद के काली नगर निवासी मुरारी लाल शर्मा को सरकारी कागजों में पहले मृत घोषित कर दिया गया था। प्रशासन ने बाद में उन्हें कागजों में ‘जिंदा’ तो कर दिया है, लेकिन उन्हें अभी तक उनकी वृद्ध पेंशन नहीं मिल पाई है। इसके लिए वह लगातार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं।

मुरारी लाल शर्मा ने बताया कि वृद्ध पेंशन ही उनके जीवन-यापन का एकमात्र सहारा है। उनके पास रहने के लिए न तो कोई मकान है और न ही आय का कोई अन्य साधन। वृद्धावस्था के कारण उन्हें इस पेंशन की सख्त आवश्यकता है।

मुरारी लाल का सवाल है कि यह जांच कब तक चलेगी। उन्हें चिंता है कि कहीं ऐसा न हो कि पेंशन मिलने से पहले ही उनकी दोबारा मृत्यु हो जाए। वह इस बात को लेकर चिंतित हैं कि एक बार कागजों में मृत घोषित होने के बाद अब उन्हें पेंशन मिलेगी भी या नहीं।

यह पहला ऐसा मामला नहीं है, जहां किसी व्यक्ति को कागजों में मृत घोषित कर दिया गया हो। इससे पहले भी ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां लोगों को खुद को ‘जिंदा’

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