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जिला ब्यूरो चीफ रफीउल्लाह खान की रिपोर्ट

लखनऊ विधानसभा घेराव को जा रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को देर रात पुलिस ने बल प्रयोग कर रोक दिया। जिलाध्यक्ष निक्कू पंडित के नेतृत्व में लखनऊ कूच की तैयारी कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने पहले से घेराबंदी कर दी। इसके बाद देर रात जिलाध्यक्ष निक्कू पंडित एवं शहर अध्यक्ष बाकर अली खां को उनके आवास पर ही हाउस अरेस्ट कर लिया गया।
सभी कांग्रेस कार्यकर्ता पूर्व विधायक संजय कपूर के कैंप कार्यालय पर बड़ी संख्या में एकत्र हुए थे, जहां से लखनऊ कूच की रणनीति बनाई जा रही थी। किंतु उत्तर प्रदेश सरकार के दमनात्मक रवैये के चलते भारी पुलिस बल तैनात कर कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोक दिया गया।
जिलाध्यक्ष निक्कू पंडित का सख़्त बयान में कहा उत्तर प्रदेश की सरकार पूरी तरह तानाशाही पर उतर आई है। जनहित के मुद्दों पर आवाज़ उठाना अब अपराध बना दिया गया है। कांग्रेस का हर कार्यकर्ता डरने वाला नहीं है। हाउस अरेस्ट कर लेने से संघर्ष रुकने वाला नहीं, यह आंदोलन और तेज़ होगा। उन्होंने आगे कहा की महंगाई, बेरोज़गारी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने के लिए विपक्ष की आवाज़ को दबाया जा रहा है, लेकिन कांग्रेस हर ज़ुल्म के ख़िलाफ़ मज़बूती से खड़ी रहेगी।”
AICC सदस्य मुतिउर रहमान खां ने सरकार की कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा, “उत्तर प्रदेश में लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हाउस अरेस्ट करना यह साबित करता है कि सरकार सच्चाई से डरती है।
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस नेतृत्व पूरी स्थिति पर नज़र बनाए हुए है और कार्यकर्ताओं पर हो रहे दमन के ख़िलाफ़ राष्ट्रीय स्तर पर आवाज़ उठाई जाएगी।

शहर अध्यक्ष बाकर अली ख़ां का बयान में कहा, लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन हमारा संवैधानिक अधिकार है, लेकिन सरकार पुलिस के सहारे विपक्ष की आवाज़ दबाना चाहती है। कांग्रेस कार्यकर्ता जनता के हक़ की लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ते रहेंगे।”
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जनविरोधी नीतियां और दमनात्मक कार्रवाई बंद नहीं की, तो आने वाले दिनों में प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा, जिसकी पूरी ज़िम्मेदारी सरकार की होगी।
इस दौरान प्रमुख रूप से साहिर रज़ा खां, शारीब अली खां, नोमान मुमताज़ खां, हानी खां, राजेश कुमार लोधी, दुर्गेश मौर्य, देवा पंडित, दामोदर,चितरंजन प्रसाद, रामगोपाल सैनी,राजीव आर्य, शकील मंसूरी, आसिफ अली खां, मुईन पठान,ताहिर अंजुम,जमील मियां, इरफ़ान पाश,अर्सलान खां, आरिफ़ अल्वी, यासिर शाह खां, शाहजेब खान, इमरान अली सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
