एमडी न्यूज संवाददाता प्रशांत जैन बिल्सी बदायूं
बिल्सी:- नगर के मूल्य संख्या 8 सहावगंज स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में सकल जैन समाज बिल्सी के तत्वावधान में णमोकार महामंत्र का पाठ एवं भक्तांबर पाठ एवं जिनेंद्र स्वामी की महाआरती का आयोजन किया गया । महिला मंडल के निशा जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि णमोकार महामंत्र का सामूहिक पाठ एवं 48 दीपको के द्वारा भक्तामर का पाठ आयोजित किया गया ,उन्होंने बताया कि ऐतिहासिक चमत्कार एवं कथाओं के अनुसार, आचार्य मानतुंग को राजा भोज ने 48 ताले वाले कारागार में बंद कर दिया था। आचार्य ने प्रतिदिन एक श्लोक की रचना कर पाठ किया, जिससे एक-एक कर सभी 48 ताले स्वयं टूट गए और वे कारागार से बाहर आ गए।
रोग निवारण और हीलिंग के द्वारा भक्तामर स्तोत्र में हीलिंग की शक्ति है। इसके श्लोकों के नियमित जाप से कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों से राहत और गर्भ की रक्षा जैसे अद्भुत परिणाम देखे गए हैं।
मनोकामना पूर्ति: श्रद्धा के साथ इसके पाठ से मानसिक तनाव, भय, विघ्न और उपद्रव दूर होते हैं और जीवन में सकारात्मकता आती है।
आध्यात्मिक जागृति: यह स्तोत्र कर्मों की निर्जरा करता है और आत्मा के विकास पथ को प्रशस्त कर दिव्य प्रकाश की अनुभूति कराता है।
शक्ति का केंद्र: इस स्तोत्र का प्रत्येक अक्षर एक मंत्र के समान है, जो रचयिता की भक्ति शक्ति से भरा हुआ है।
उसके बाद सभी के द्वारा सामूहिक महाआरती की गई ।
जैन समाज के अध्यक्ष मृगन कुमार जैन उर्फ टीटू जैन ने जानकारी देते हुए बताया भक्तामर स्तोत्र प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ (ऋषभदेव) की स्तुति में आचार्य मानतुंग द्वारा रचित एक चमत्कारी जैन स्तोत्र है। इसके 48 श्लोक नकारात्मक ऊर्जा, भयंकर रोगों (जैसे कैंसर) और बंधनों से मुक्ति दिलाने, तथा मानसिक शांति व आत्मिक सुख पाने में समर्थ माने जाते हैं। कहा जाता है कि इस स्तोत्र का श्रद्धापूर्वक पाठ करने से 48 ताले टूट गए थे।
इस मौके पर ,विनोद जैन,प्रशांत जैन ,इंदु जैन,गुंजन जैन,शालिनी जैन,ज्योति जैन,नीलम जैन व अधिकांश रूप से जैन समाज की महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया ।।


