एम डी न्यूज़ रफीउल्लाह खान ब्यूरो चीफ रामपुर की रिपोर्ट

क्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे का संदेश देते हुए वक्ताओं ने देशवासियों से आगामी त्योहारों को मिलजुल कर मनाने की अपील की। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि रमजान और होली जैसे पावन पर्व हमारे देश की साझा संस्कृति और एकता के प्रतीक हैं।
मुख्य वक्ता ने अपने संबोधन में कहा कि सभी देशवासी मिलकर आने वाले रमजान और होली के त्योहार को आपसी प्रेम, सौहार्द और भाईचारे के साथ मनाएं तथा देश की एकता और अखंडता को बनाए रखें। उन्होंने कहा कि त्योहार आपसी मतभेद भुलाकर एक-दूसरे के करीब आने का अवसर प्रदान करते हैं।
इस मौके पर रागिब खान ने बोलते हुए कहा कि हमारा देश गंगा-जमुनी तहजीब के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। यहां सभी धर्मों और समुदायों के लोग एक-दूसरे के त्योहारों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। उन्होंने कहा कि यही आपसी मेल-मिलाप और भाईचारा भारत की सबसे बड़ी ताकत है।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने भी एक स्वर में सामाजिक समरसता बनाए रखने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में समाज को एकजुट रहने की सबसे अधिक आवश्यकता है, ताकि देश विकास की राह पर निरंतर आगे बढ़ता रहे।
अंत में सभी ने देश की एकता, अखंडता और आपसी सद्भाव को मजबूत करने का संदेश देते हुए आगामी त्योहारों को शांति और उल्लास के साथ मनाने की अपील की।

क्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे का संदेश देते हुए वक्ताओं ने देशवासियों से आगामी त्योहारों को मिलजुल कर मनाने की अपील की। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि रमजान और होली जैसे पावन पर्व हमारे देश की साझा संस्कृति और एकता के प्रतीक हैं।
मुख्य वक्ता ने अपने संबोधन में कहा कि सभी देशवासी मिलकर आने वाले रमजान और होली के त्योहार को आपसी प्रेम, सौहार्द और भाईचारे के साथ मनाएं तथा देश की एकता और अखंडता को बनाए रखें। उन्होंने कहा कि त्योहार आपसी मतभेद भुलाकर एक-दूसरे के करीब आने का अवसर प्रदान करते हैं।
इस मौके पर रागिब खान ने बोलते हुए कहा कि हमारा देश गंगा-जमुनी तहजीब के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। यहां सभी धर्मों और समुदायों के लोग एक-दूसरे के त्योहारों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। उन्होंने कहा कि यही आपसी मेल-मिलाप और भाईचारा भारत की सबसे बड़ी ताकत है।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने भी एक स्वर में सामाजिक समरसता बनाए रखने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में समाज को एकजुट रहने की सबसे अधिक आवश्यकता है, ताकि देश विकास की राह पर निरंतर आगे बढ़ता रहे।
अंत में सभी ने देश की एकता, अखंडता और आपसी सद्भाव को मजबूत करने का संदेश देते हुए आगामी त्योहारों को शांति और उल्लास के साथ मनाने की अपील की।

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