एमडी न्यूज संवाददाता प्रशांत जैन बिल्सी बदायूं
बिल्सी। क्षेत्र के गांव परौली में मदन मोहन मालवीय शिक्षा समिति के तत्वावधान में रविवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर भव्य काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत माता सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुई।

इसके बाद “नारी सशक्तिकरण” विषय पर आधारित काव्य गोष्ठी में उपस्थित कवियों ने अपनी-अपनी रचनाओं के माध्यम से नारी शक्ति का गुणगान किया। कवि विष्णु असावा ने नारी के विभिन्न रूपों का वर्णन करते हुए कहा कि नारी कभी माता, कभी बहन, बुआ और बेटी के रूप में समाज को दिशा देती है। कवि राजीव उपाध्याय ‘दिलवादी’ ने प्रसव पीड़ा सहकर संतान को जन्म देने वाली माँ के त्याग और ममता को अपनी रचना के माध्यम से प्रस्तुत किया।

कवि अशोक कुमार द्विवेदी ने पिता की गरिमा और त्याग पर आधारित कविता सुनाई, वहीं कवि हरगोविंद पाठक ‘दीन’ ने प्रेम और मानवीय मूल्यों पर अपनी रचना प्रस्तुत की। डॉ. सतीशचंद्र सुधांशु ने नारी के सम्मान और उसके महत्व पर अपने विचार काव्य के माध्यम से व्यक्त किए। कवि विजय कुमार सक्सेना ने होली के रंगों के साथ दिलों में प्रेम और आपसी क्षमा का संदेश दिया। कवि आकाश पाठक ने कहा कि नारी का सम्मान करना प्रत्येक समाज की जिम्मेदारी है। वहीं कवि रमेश चंद्र मिश्रा ने बेटी के ससुराल जाने के भावुक क्षणों को अपनी कविता में व्यक्त किया। कवि देव ठाकुर ने अपनी रचना में कहा— “नारी है ममता की धारा, नारी जग की शान है, माँ बनकर जो प्यार लुटाए, वो ही तो भगवान है।” युवा कवि अजीत कुमार ने भी नारी सम्मान पर अपनी रचना प्रस्तुत करते हुए कहा कि जिस घर में नारी का सम्मान होता है, वहीं सच्चा सुख और सम्मान बसता है। कार्यक्रम का सफल संचालन बिसौली से आए विजय कुमार ने किया। इस अवसर पर क्षेत्र के अनेक कवि, साहित्यकार और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। संवाद
