उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के माती थाना क्षेत्र में एक युवक की मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि भंडारे के बाद सड़क पर डीजे की धुन पर नृत्य कर रहे लोगों से रास्ता मांगने पर हुए विवाद के बाद युवक की लाठी-डंडों और सरिया से बेरहमी से पिटाई की गई, जिससे उसकी मौत हो गई।
मृतक के भाई द्वारा थाना माती में दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।
परिवार का इकलौता कमाने वाला था दुर्गेश
जनपद सीतापुर के चौबेपुर निवासी सनी रावत ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उसका भाई दुर्गेश रावत पिछले लगभग 15 वर्षों से मीरपुर गांव स्थित अपनी मौसी के घर रहकर निजी विद्युत कर्मी के रूप में कार्य करता था।
परिजनों के मुताबिक पिता के निधन के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी दुर्गेश के कंधों पर थी। वह घर का इकलौता कमाने वाला सदस्य था और परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ अपनी अविवाहित बहन के विवाह की जिम्मेदारी भी उसी पर थी।
हाईटेंशन लाइन की खराबी ठीक कराने जा रहा था युवक
परिजनों के अनुसार, मंगलवार देर रात करीब 11 बजे हाईटेंशन लाइन में आई तकनीकी खराबी की सूचना मिलने पर दुर्गेश मोटरसाइकिल से मजदूरों को लेने मीरपुर गांव की ओर जा रहा था।
आरोप है कि ग्राम मीरपुर के पास आजाद नगर मार्ग पर भंडारे के उपरांत कुछ युवक सड़क पर डीजे बजाकर नृत्य कर रहे थे। इसी दौरान दुर्गेश ने उनसे रास्ता देने का अनुरोध किया, जिस पर विवाद शुरू हो गया।
कई लोगों पर लाठी-डंडे और सरिया से हमला करने का आरोप
मृतक के भाई का आरोप है कि कहासुनी बढ़ने के बाद वहां मौजूद कुछ लोगों ने दुर्गेश को घेर लिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।
तहरीर में अंकित चौहान, शिवकुमार, मान सिंह प्रधान, श्यामदेव, लक्ष्मण, प्रमोद चौहान, प्यारे पुत्र जगदीश, कल्लू पुत्र अशोक, राहुल पुत्र प्यारे सहित अन्य लोगों को नामजद करते हुए आरोप लगाया गया है कि इन लोगों ने लाठी-डंडों और सरिया से हमला कर दुर्गेश को गंभीर रूप से घायल कर दिया।
घायल अवस्था में उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवा ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटनास्थल पर शराब के पाउच मिलने का दावा
मृतक के परिजनों का कहना है कि जिस स्थान पर घटना हुई, वहां शराब के कई खाली पाउच और डिस्पोजेबल गिलास पड़े मिले। परिजनों का आरोप है कि हमला करने वाले लोग नशे की हालत में थे।



