रसोई माता बच्चों को बनाकर देखतीं हैं पोष्टिक भोजन :

रिपोर्टर प्रदीप पाण्डेय बदायूं

उच्च प्राथमिक विद्यालय मुझिया की सीमा रसोईया ने बनाया सबसे अच्छा भोजन बदायूं :

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित बेसिक शिक्षा परिषदीय विद्यालय के अंतर्गत स्काउट भवन में जनपद स्तरीय रसोईया पाक कला प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। रसोईया सीमा पाक कला प्रतियोगिता की विजेता बनीं।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय सी एल यादव, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी आरपी सिंह, खाद्य सुरक्षा अधिकारी करण सिंह, खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रिया त्रिपाठी, एमडीएम प्रभारी हिना खान ने संयुक्त रूप से मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

अतिथि बीएसए वीरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि हमारे बच्चों के पोषण की पूरी जिम्मेदारी रसोई माता पर होती है और यह निश्चित रूप से अपने बच्चों की तरह बेसिक में पढ़ने वाले बच्चों का ख्याल रखती है। प्रतियोगिता में नगर क्षेत्र और 15 ब्लाक 30 रसोईयों ने पीएम पोषण योजनांतर्गत पाक कला प्रतियोगिता में हिस्सा किया। इस प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पीएम पोषण योजनांतर्गत निर्धारित मीनू के अनुरूप रसोईयों ने भोजन तैयार किया। मुख्य निर्णायक सीएल यादव, आरपी सिंह, सिंह हवेली के मुकेश सिंह, नगर पालिका कन्या इंटर कालेज प्रवक्ता शहनाज बानों रहीं। जिले के विभिन्न विद्यालय से आए 10 बच्चों ने बहुत भोजन खाकर गुणवत्ता को परखा।निर्णायक समिति सदस्यों ने स्वच्छता वेशभूषा मसाले का उपयोग, स्वाद तथा उसकी गुणवत्ता के बारे में रसोइयों से वार्तालाप करने के आधार पर अंक प्रदान किए गए। प्रतियोगिता का आयोजन समिति के सदस्य डा.पंकज कुमार शर्मा और वरिष्ठ शिक्षक फरहत हुसैन के नेतृत्व में किया गया। जिसमें उच्च प्राथमिक विद्यालय माझिया जगत की सीमा ने प्रथम, उच्च प्राथमिक विद्यालय कलौरा दातागंज की दीप कुमारी ने द्वितीय स्थान और प्राथमिक विद्यालय नसीरपुर गोसू सहसवान की शाकरा बेगम ने तृतीय स्थान प्राप्त विजेताओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। प्रथम विजेता को 3500 रुपये, द्वितीय स्थान विजेता को 2500 रुपये और तृतीय स्थान विजेता को 1500 रुपये और इसके अलावा प्रतिभाग करने वाली सभी रसोईयों को 650 रुपये की धनराशि खातों में भेजी जाएगी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रिया त्रिपाठी ने भोजन में प्रयुक्त होने वाले मसाले, तेल, बनीं सब्जियों सैंपल लेकर जांचा परखा उन्होंने दाल, चावल, आटा, नमक, मिर्च, मसाले, जीरा, धनिया आदि के सैंपल की जांच की।

जिसकी गुणवत्ता नंबर बन पाई गई। उन्होंने कहा कि रसोई माता को यह जानकारी होनी चाहिए कि कैसे हम अपनी रसोई में प्रयुक्त होने वाले मसाले को सामान्य जानकारी के आधार पर यह परख सकते हैं, कि इसमें कोई केमिकल तो नहीं मिला हुआ है इसका हमें विशेष ध्यान रखना चाहिए न केवल विद्यालय में अभी तो अपने घर पर भी जब आप इसका उपयोग करें, तो उसके बारे में आपको जानकारी होनी चाहिए। सीएल यादव ने कहा कि हमें भोजन के प्रति सदैव सजक रहना चाहिए साफ सुथरा भोजन सेवन करना चाहिए। आरती सिंह ने कहा कि भोजन हमारे शरीर के लिए ऊर्जा का कार्य करता है अतः इसमें मिलावट नहीं होनी चाहिए। करण सिंह जी ने कहा कि रसोई माता के कंधों पर न केवल अपने परिवार की अपितु समाज के उन समस्त नौनिहालों की जिम्मेदारी होती है जो हमारे बेसिक के विद्यालयों में अध्ययन कर रहे हैं। हम इन रसोई माता को नमन करते हैं। इस मौके पर स्काउट के जिला संगठन आयुक्त मुहम्मद असरार, पूर्व जिला प्रशिक्षण आयुक्त संजीव शर्मा, राहुल कुमार चौधरी, कार्यक्रम का संचालन संयुक्त रूप से प्रभात कुमार व फरहत हुसैन ने किया।

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