बाराबंकी भारतीय राजनीति में दलित पिछडो और अल्पसंख्यको को लामबद्ध कर सत्ता के गलियारो तक पहुंचाने वाले एक महान राजनीतिकार और दूरदर्शी नेता के रूप में याद किया जाता है।
उन्होने बाबा साहब डा0 भीमराव अम्बेडकर के विचारो को जमीन पर उतारने और उनके बताये रास्ते पर चलने का संकल्प लिया था आज के दिन देश भर में उनके अनुयायी उन्हे ‘साहब’ और मसीहा के रूप में याद करते है। उनके द्वारा दिखाये गये समाजिक न्याय के मार्ग पर चलने का संकल्प आज भी लोग ले रहे है।
पी0एल0 पुनिया ने कहा कि कांशीराम जी का यह मानना था कि जब तक समाज जागरूक नही होगा तब तक राजनीति में बदलाव नही आयेगा मै उन्हे अच्छी तरीके से जानता हूँ कि उनकी राजनीति बहुत ही स्पष्ट थी उन्होने समझाया कि वोट का अधिकार एक ऐसा हथियार है जिससे ‘हुक्मरान’ (शासक) बदला जा सकता है और यही उपलब्धि उत्तर प्रदेश में दलित राजनीति को स्थापित किया जिसके परिणाम स्वरूप मायावती जी मुख्यमंत्री बनी।
जयंती के अवसर पर मुख्यरूप से जिला कांग्रेस अध्यक्ष मो0 मोहसिन विजयपाल गौतम, आर0डी0 राव, के0सी0 श्रीवास्तव, अजय रावत, अजीत वर्मा, राम हरख रावत, प्रशान्त सिंह, कौशल किशोर वर्मा, कमल भल्ला, इरफान कुरैशी, माता प्रसाद मिश्रा, मो0 अकरम, गोपी कनौजिया, आमिर अय्यूब किद्वाई, अभय गौतम, आनन्द गौतम, रामचन्दर वर्मा, अकील इदरीशी, आदि लोग मौजूद रहे

