बाराबंकी मसौली बताते चले कि जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के ग्राम बेरिया निवासी बब्लू एक सप्ताह पूर्व अहमदाबाद कार्य के सिलसिले मे गया था तथा घर पर बब्लू की पत्नी सुरसता अपने दो
दो मासूम बच्चों बेटी दिव्यांशी और बेटे रौनक के साथ रहती थी। परिवार आर्थिक रूप से कमजोर बताया जा रहा है और मजदूरी के सहारे ही घर का गुजारा चल रहा था।
घटना के समय घर में कोई भी मौजूद नहीं था। दोनों बच्चे रोज की तरह स्कूल गए हुए थे। दोपहर करीब तीन बजे जब बच्चे स्कूल से लौटे तो उन्होंने घर पहुंचकर मां को आवाज दी, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। जब दोनों बच्चे घर के भीतर पहुंचे तो छप्पर के नीचे दुपट्टे के सहारे मां का शव लटकता देख उनकी चीख निकल गई। मासूम बच्चों के रोने-बिलखने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर दौड़ पड़े और यह भयावह दृश्य देख स्तब्ध रह गए।
कक्षा दो की छात्रा दिव्यांशी ने बताया कि वह रोज की तरह स्कूल गई थी और जब दोपहर करीब तीन बजे घर लौटी तो मां को फंदे से लटका हुआ पाया। घटना की जानकारी सबसे पहले मृतका के भतीजे आदित्य को दी गई। आदित्य के अनुसार उस समय महिला घर में अकेली थी और किसी ने यह नहीं देखा कि घटना से पहले वह किससे मिली या उसके घर कोई आया था या नहीं।
ग्रामीणों के अनुसार महिला का घर के पास रहने वाले एक युवक से किसी बात को लेकर विवाद भी हुआ था। हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस इस पहलू को भी जांच में शामिल कर रही है।
सूचना मिलते ही जहांगीराबाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थानाअध्यक्ष दुर्गा प्रसाद शुक्ल ने बताया कि मौके से गले में बंधा दुपट्टा बरामद हुआ है। पुलिस बच्चों और आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ कर रही है।
उन्होंने बताया कि फिलहाल किसी के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है और मां को खोने के बाद मासूम बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।

