
एमडी न्यूज़ बहुआयामी समाचार न्यूज़ चैनल जिला ब्यूरो चीफ रफीउल्लाह खान की रिपोर्ट
संसद के मौजूदा सत्र के दौरान सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने लुटियंस जोन और सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के दायरे में आने वाली ऐतिहासिक और मजहबी विरासतों के संरक्षण का मुद्दा पूरी मजबूती से उठाया। उन्होंने ‘जनाब स्पीकर साहिबा’ को मुखातिब करते हुए कहा कि विकास की आड़ में हमारी सदियों पुरानी मीरास (विरासत) को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
सांसद नदवी ने कहा, “मैं जनाब स्पीकर साहिबा का बेहद मश्कूर (आभारी) हूँ कि उन्होंने मुझे इस हस्सास (संवेदनशील) मसले पर बोलने का मौका दिया। यह लुटियंस जोन अपनी साझी संस्कृति के लिए जाना जाता है, जहाँ मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे और चर्च एक साथ मौजूद हैं।”
उन्होंने बड़े अफ़सोस के साथ सदन को बताया कि सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के दौरान उन मसाजिद (मस्जिदों) को लेकर अनिश्चितता है, जिनके बारे में मंत्रालय ने अदालत में यह कौल (वादा) दिया था कि उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुँचाया जाएगा।
सांसद ने सवाल उठाया कि कृषि भवन के पास तो मस्जिद मौजूद है, लेकिन उपराष्ट्रपति आवास के समीप स्थित प्राचीन मस्जिद का अब कोई अता-पता नहीं है। उन्होंने पूछा कि जब सरकार ने कोर्ट में 150 साल पुरानी ‘हेरिटेज’ मस्जिदों को महफूज़ रखने का आश्वासन दिया था, तो उस पर अमल क्यों नहीं हो रहा?
सासद मोहिबुल्लाह नदबी ने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि हमें खदशा (डर) है कि अदालत का सहारा लेकर जो भरोसा दिलाया जाता है, सरकार उसे पूरा नहीं करती। 400 साल पुरानी मस्जिद के मामले में भी हमें दरोग-गोई (झूठ) का बादा किया था
सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने स्पीकर साहिबा के तवासुत (माध्यम) से सरकार से मुतालिबा किया कि तमाम मजहबी मकामात, जो हमारी ‘हेरिटेज’ हैं, उनका तहाफ़ुज़ (संरक्षण) यकीनी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि हुकूमत को आवाम के इस डर को फौरन दूर करना चाहिए।
ये जानकारी सांसद मीडिया प्रभारी एडवोकेट महबूब अली पाशा ने दी
