जोखिम : राजधानी लखनऊ में अफवाहों का दौर बढ़ता जा रहा है, और एक नयी समस्या खड़ी हो गई है। पेट्रोल-डीजल की अफवाहों का असर राजधानी में भी देखने को मिल रहा है। जिससे लोगों के सामने समस्या खड़ी हो गयी है। गैस सिलेंडरो की किल्लतों के बीच पेट्रोल, डीजल की अफवाहें विकराल रूप लेती जा रही है। गैस सिलेंडरो की किल्लतों के बाद लोग पेट्रोल-डीजल के लिए संघर्ष करतें दिखे। जिसकी तस्वीरें लखनऊ के हर कोने से देखने को मिल रही हैं। लोग जान को जोखिम में डालकर पेट्रोल-डीजल की जमाखोरी करने में लगे हुए हैं। हर पेट्रोल पंप पर गाड़ियों की लंबी कतारें लगी है। लोग घंटों मशक्कत के बाद पेट्रोल डलवा पा रहे हैं। स्थिति ऐसी है की जो लोग इमरजेंसी कार्य के लिए निकले थे, उन्हें भी घंटों इंतजार के बाद फ्यूल मिल रहा है। ऐसे में कई इमरजेंसी वाहनों के लिए भी जटिल परिस्थिति बनी हुई है। लोग डीजल-पेट्रोल के चक्कर में समय से अपने कामों पर नहीं पहुंच पा रहे हैं। सड़कों पर भारी जाम की स्थिति बनी हुई है। लोग लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। स्थिति को काबू करने के लिए कई जगहों पर नो फ्यूल के नोटिस लगा दिये गए। अफवाहों के बीच प्रशासन के लिए स्थित को नियंत्रण में रखना चुनौतीपूर्ण है।

स्थिति को भांपने में प्रशासन नाकाम !

आज जो पेट्रोल-डीजल की अफवाहों का दौर जारी है। जिससे रोजाना सफर करने वालो के लिए पेट्रोल-डीजल डलवाना मुश्किल हो गया है। पेट्रोल के लिए घंटों तमाशबीन की तरह लंबी कतारों में खड़े रहते हैं। दरअसल, इस तरह की स्थिति को नियंत्रण में किया जा सकता था। अगर अफवाहों पर सख्त कार्रवाई की जाती और जमीनी स्तर पर पुख्ता इंतजाम किए गए होते। राहगीरों का कहना है की अफवाहों की वजह से लोग अपना काम-धन्धा छोड़कर पेट्रोल-डीजल की जमाखोरी में लगे हैं। इससे कहीं न कहीं हम जैसे रोजाना सफर करने वाले लोगों के लिए दिक्कतें खड़ी हो गई है। स्थिति ऐसी है कि एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को भी काफी लेट फ्यूल मिल पा रहा है। पेट्रोल पंपों पर भीड़ की वजह से सड़कों पर काफी लंबा जाम लग जाता है। जिससे आपातकालीन गाड़ियों को भी घटना स्थल में पहुंचने में देर हो रही है। हम लोग समय से अपने कामों पर नहीं पहुंच पा रहे हैं। इसलिए लोगों से अपील है की अफवाहों पर ध्यान न दें। नहीं तो हम जैसे लोगों के लिए समस्या खड़ी हो जायेगी। कृपया पेट्रोल की जमाखोरी न करें और जरुरत के हिसाब से पेट्रोल डलवाएं। आगे लोगों ने कहा की अगर प्रशासन पहले सतर्कता दिखाता तो ऐसी स्थिति न बनती।

आखिर पेट्रोल पंपों पर इतनी भीड़ क्यों ?

बता दें कि इजरायल-ईरान जंग के कारण ऐसी स्थिति बनी हुई है। क्योंकि इससे कहीं न कहीं हमारी जो सप्लाई चेन है वो प्रभावित हुई है। जिसके कारण हमारे देश में गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत देखने को मिल रही है। गैस सिलेंडरों की किल्लतों के बीच पेट्रोल-डीजल की अफवाहों ने रफ्तार पकड़ी ली। क्योंकि इससे लोगों के अंदर ये भय पहुंच जुका की कहीं गैस सिलेंडरों की तरह हमें पेट्रोल-डीजल के लिए न भटकना पड़े। बस इसी सोच ने लोगों के अंदर डर पैदा कर दिया। और आज पेट्रोल पंपों पर घंटों लाइन लगाने को मजबूर हैं। लेकिन प्रशासन स्थिति को नियंत्रण करने के लिए जमीनीस्तर पर जागरूकता अभियान चला रहा है। लोगों से अफवाहों से बचने को कहा जा रहा है। जिससे जरुरी काम से जाने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े।

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