पुलिस ने C-प्लान ऐप से 5 घंटे में परिजनों को सौंपा

बाराबंकी:- अमेठी से लापता हुई एक 12 वर्षीय नाबालिग बच्ची को महिला थाना बाराबंकी पुलिस ने महज 5 घंटे में उसके परिजनों से मिला दिया। बच्ची अंजोली रावत अपने घर से साइकिल पर सवार होकर निकली थी और रास्ता भटककर बाराबंकी के जहांगीराबाद क्षेत्र पहुंच गई थी।अमेठी के शिवरतनगंज थाना क्षेत्र के जेहटा गांव निवासी अंजोली रावत (12) पुत्री शिवसरन रावत अपने मामा के घर जाने के लिए नीली साइकिल से निकली थी। रास्ते में वह भटक गई और जहांगीराबाद, बाराबंकी पहुंच गई। गांव के एक 60 वर्षीय व्यक्ति नंदू प्रसाद ने उसे साइकिल चलाते हुए देखा और नाम-पता पूछने पर वह कुछ नहीं बता पाई।सूचना मिलने पर पीआरवी 5492 जहांगीराबाद ने बच्ची को सकुशल महिला थाना बाराबंकी पहुंचाया। महिला थाना पुलिस टीम ने बच्ची से पूछताछ की। काफी देर बाद बच्ची ने अपना नाम अंजोली, गांव का नाम जेहटा और जनपद का नाम अमेठी बताया।महिला कांस्टेबल काजल शर्मा ने बच्ची की बातों को ध्यान से सुना और सी-प्लान ऐप का उपयोग कर उसके बताए गए गांव व थाने का पता लगाया। इसके बाद ग्राम प्रधान आशीष मिश्रा से मोबाइल पर संपर्क किया और उन्हें पूरी घटना की जानकारी दी गई।ग्राम प्रधान ने पुष्टि की कि अंजोली नाम की एक बच्ची उनके गांव से लापता हुई थी, जिसकी गुमशुदगी थाना शिवरतनगंज, अमेठी में दर्ज कराई गई है। कांस्टेबल काजल शर्मा ने संबंधित थाने से संपर्क कर विवेचक उपनिरीक्षक मनोज कुमार प्रजापति को घटना से अवगत कराया। थाना शिवरतनगंज विवेचक मनोज कुमार प्रजापति अपनी टीम और बच्ची के माता-पिता के साथ बाराबंकी महिला थाना पहुंचे।महिला थाना प्रभारी कुमारी रत्ना के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मात्र 5 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बच्ची अंजोली को देर रात करीब 11 बजे उसके परिजनों, जिसमें उसके बड़े पापा रामशरन भी शामिल थे, को सकुशल सौंप दिया। इस दौरान बच्ची को फल की टोकरी, चॉकलेट और टेडीबियर भी दिए गए। पुलिस ने बच्ची के उज्जवल भविष्य की कामना की। यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक बाराबंकी अर्पित विजयवर्गीय के निर्देशानुसार की गई।
तेज बहादुर शर्मा (मंडल ब्यूरो चीफ अयोध्या)।
