रिपोर्ट- ओम प्रकाश साहू। वाराणसी।
वाराणसी। यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गयी है। पार्टियां तरह-तरह के दांव अजमाने में लगी है। वहीं यूपी सियासत को लेकर वाराणसी की रोहनिया विधानसभा से बड़ी खबर हैं। जहां पर हमारा समाज पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने क्षेत्र के लोकप्रिय अधिवक्ता भानु प्रताप सेठ को मैदान में उतारा है। इसी के साथ रोहनिया की सियासत में बड़ी हलचल मची हुई है। क्योंकि हमारा समाज पार्टी ने भानु प्रताप सेठ को मैदान में उतारकर एक बड़ा दांव खेल दिया है। क्योंकि हमारा समाज पार्टी ने रोहनिया को एक साफ-सुथरी और सामाजिक पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखने वाले उम्मीदवार को टिकट देकर मुकाबले को रोचक बना दिया है। इसी के साथ रोहनिया की सियासत में भानु प्रताप सेठ चर्चा का विषय बने हुए हैं। भानु प्रताप सेठ, जमीनी स्तर पर लोगों से हमेशा जुड़े रहते हैं। उनकी जमीनी सियासत में अच्छी खासी पकड़ है, खास कर युवा वर्ग में। भानु प्रताप सेठ अपने क्षेत्र के समग्र विकास के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रहें हैं। आज क्षेत्र के उत्थान के लिए वो मैदान में हैं। हमारा समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं में उनको लेकर अच्छा खासा उत्साह देखा जा रहा है।

समय-समय पर उन्होंने समाज के वंचित लोगों की मदद कर यह भरोसा दिलाया है कि वह क्षेत्र की समस्याओं के लिए सजग है। उन्होंने समाज के उन तमाम तबको की तहे दिल से मदद की जो आर्थिक रुप से कमजोर है। इसी लिए रोहनिया की जनता को उन पर विश्वास है की वह विधानसभा पहुंचकर हमारी समस्याओं को दूर करेंगे।
रोहनिया विधानसभा सीट पर हमेशा त्रिरीकोणीय मुकाबला देखने को मिलता हैं। इस बार हमारा समाज पार्टी ने क्षेत्र के युवा वर्ग से अधिवक्ता भानु प्रताप सेठ को मैदान में उतारकर अन्य प्रत्याशियों के लिए चुनौती खड़ी कर दी है। इससे रोहनिया की सियासत में भारी उथल-पुथल देखी जा रही है। भानु प्रताप सेठ की उम्मीदवारी से क्षेत्र में काफी हलचल मची हुई है। रोहनिया के इतिहास में कोई उम्मीदवार लगातार जीत हासिल नहीं कर पाया है यानी की हर बार नया उम्मीदवार ही बाजी मारता दिखाई देता हैं। इस लिए लोगों को आशा है की भानु प्रताप सेठ रोहनिया विधानसभा में कुछ बड़ा कर सकते हैं। दरअसल रोहनिया के लोगों ने हमेशा साफ-सुथरी राजनीति करने वाले को ही सफलता की चाभी थमांई है। इसमें भानु प्रताप सेठ एकदम सटिक बैठते हैं। देखना होगा क्या रोहनिया की जनता बदलाव वाली परम्परा को जारी रखती हैं या रिपीट वाला फार्मूला आजमायेगी या सत्ता की चाभी युवा भानु प्रताप सेठ को थमांयेगी। इसी के साथ हमारी नजर रोहनिया की हर सियासी हलचल पर बनी रहेंगी।
