बाराबंकी।एके मिश्रा, संयुक्त कृषि निदेशक, अयोध्या मण्डल द्वारा जनपद में उर्वरकों एवं कीटनाशकों की उपलब्धता, गुणवत्ता एवं निर्धारित मूल्य पर बिक्री की जांच हेतु 02 उर्वरक बिक्री केन्द्रों, 02 उर्वरक विनिर्माण इकाई तथा 01 कीटनाशक विनिर्माण इकाई का औचक निरीक्षण किया गया।
मेसर्स नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड, कम्पनी के कुरौली स्थित फुटकर उर्वरक बिक्री केन्द्र का निरीक्षण किया गया, विक्रेता द्वारा अवगत कराया गया कि 10 अप्रैल 2026 को यूरिया प्राप्त हुई थी, जिसकी बिक्री की जा रही है। केन्द्र प्रभारी द्वारा अवगत कराया गया कि केन्द्र पर कोई भी नकद बिक्री नहीं की जाती है। केन्द्र पर कोई भी नॉन सब्सिडी स्टाक नहीं पाया गया। अभिलेखों का परीक्षण किया गया तथा आवश्यक निर्देश दिया गया।
वंश ग्रुपस ऑफ कम्पनीज़ एवं रिलाइन्स इण्डस्ट्रीज लिमिटेड के उर्वरक विनिर्माण इकाई का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान दोनों विनिर्माण इकाई से कुल 03 उर्वरक नमूना ग्रहित किया गया तथा अभिलेखों के अनुसार उत्पादन एवं बिक्री की जांच की गयी।
देवा रोड़ पारा खन्दौली में स्थित एक कीटनाशक विनिर्माण इकाई मेसर्स समर्थ मान एग्रो केम प्रा0लि0 का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विनिर्माण इकाई पर उत्पादित किये जा रहे कीटनाशक में से एक नमूना ग्रहित कर आवश्यक निर्देश दिये गये।
इसके अतिरिक्त श्री देशराज, वरिष्ठ प्राविधिक सहायक गु्रप-ए/उर्वरक निरीक्षक द्वारा तहसील हैदरगढ़/नवाबगंज क्षेत्र के 06 उर्वरक बिक्री केन्द्रों का निरीक्षण किया गया तथा 02 उर्वरक के नमूना ग्रहित किये गये।


जिला कृषि अधिकारी, बाराबंकी द्वारा अवगत कराया गया कि शासन द्वारा प्रतिदिन आई0एफ0एम0एस0 पोर्टल पर यह समीक्षा की जाए कि जनपद में कोई भी विक्रेता उर्वरक की अनियमित बिक्री तो नहीं की जा रही है, जिसके क्रम में एक विक्रेता मेसर्स आकाश खाद भण्डार-सुबेहा, हैदरगढ़ द्वारा की गयी अधिक अधिक मात्रा में यूरिया उर्वरक की बिक्री के क्रम में विक्रेता का उर्वरक विक्रय प्राधिकार पत्र तत्काल प्रभाव से निलम्बित करते हुए बिक्री की जांच हेतु वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप-ए श्री देशराज को नामित कर जांच आख्या उपलब्ध कराने हेतु निर्देश दिया गया। जांच में दोषी पाये जाने पर सम्बन्धित विक्रेता के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी।


मेसर्स बी0एम0 सेल्स, फुटकर उर्वरक बिक्री केन्द्र असेनी मोड़ पर निरीक्षण के दौरान उपलब्ध स्टाक का मिलान किया गया तथा बिक्री रजिस्टर में अंकित कुछ कृषकों से दूरभाष पर वार्ता कर उर्वरक प्राप्ति आदि की जानकारी की गयी। विक्रेता को निर्देशित किया गया कि 10 मई 2026 से फार्मर रजिस्ट्री पंजीकरण संख्या भी बिक्री पंजिका पर अनिवार्य रूप से अंकित किया जायेगा। केन्द्र पर कोई भी नॉन सब्सिडी स्टाक नहीं पाया गया।


उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया गया कि अपने अपने प्रतिष्ठान पर रेट/स्टाक बोर्ड जिसमें उर्वरक का वास्तविक मूल्य के साथ-साथ अनुदान की धनराशि एवं निर्धारित बिक्री मूल्य का अंकन अवश्य किया जाए। कृषको कों बिना किसी टैगिंग के निर्धारित मूल्य पर उनकी फसल की आवश्यकता/संस्तुति के अनुसार उनकी जोत/आधार पर उर्वरक उपलब्ध कराये तथा कृषक का पूर्ण विवरण नाम, पता, मोबाईल नं0, भूमि का विवरण फसल का नाम आदि अनिवार्य रूप से बिक्री रजिस्टर में अद्यतन पूर्ण रखा जाए।

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