संवाददाता-जितेंद्र ठाकुर की रिपोर्ट

मथुरा। #रंजिश से जुड़े एक मामले में #जेल में बंद एक विचाराधीन कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने के बाद परिजनों ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवार ने इसे सामान्य घटना मानने से इनकार करते हुए सुनियोजित साजिश की आशंका जताई है और पूरे मामले की निष्पक्ष व उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
परिजनों के अनुसार, विवाद की शुरुआत मदन पाल नामक व्यक्ति की मृत्यु से हुई थी। उनका आरोप है कि #मांट क्षेत्र में मदन पाल की #कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या की गई थी, लेकिन इस मामले में अलग-अलग कारण सामने आए और निष्पक्ष जांच नहीं हो सकी।
परिवार का कहना है कि इसके बाद उनके छोटे #भाई कुशल पाल को निशाना बनाया गया। आरोप है कि दिसंबर माह की एक रात कुछ लोगों ने उनके घर पर हमला कर तोड़फोड़ और लूटपाट की। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।
परिजनों ने यह भी बताया कि एक अन्य व्यक्ति को गोली लगने की घटना में #कुशल पाल को नामजद किया गया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें भारतीय दंड संहिता की #धारा307 के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस मामले में पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्य फिलहाल जांच का विषय बने हुए हैं।
मामला उस समय और गंभीर हो गया जब जेल प्रशासन ने सूचना दी कि कुशल पाल की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
परिजनों ने जेल की उसी #बैरक में बंद कुछ विरोधियों पर भी संदेह जताया है और उनकी भूमिका की जांच की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो पाएगी।
एक विचाराधीन कैदी की मौत ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की विधिक प्रक्रिया के तहत निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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