महराजगंज।उत्तर प्रदेश सरकार ने IAS अफसरों के तबादले किये हैं, जिनमें महराजगंज के नए जिलाधिकारी बनाये गए गौरव सिंह सोगरवाल।वहीं जिले की बागडोर संभाल रहे डीएम संतोष कुमार शर्मा को फीरोजाबाद का डीएम बनाया गया है।नवागत डीएम गौरव कुमार सोगरवाल 04 मई को अपना कार्यभार संभालेंगे।महराजगंज जिला एक सीमावर्ती क्षेत्रों का एक विशाल जनपद माना जाता हैं जहां ढेर सारी चुनौतियां रहती हैं ।नए डीएम के आने से जनपदवासियों को समग्र विकास के साथ साथ त्वरित न्याय,सुरक्षा आदि को लेकर बड़ी उम्मीदें हैं।

गौरव सिंह सोगरवाल,का जन्म 27 मार्च 1989 को हुआ था। वे भरतपुर, राजस्थान के मूल निवासी हैं।भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2017 बैच के IAS अधिकारी हैं और उत्तर प्रदेश कैडर से हैं। उन्होंने भारती विद्यापीठ पुणे से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बी. टेक और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली से लोक प्रबंधन में एमए किया है।वे गोरखपुर में नगर आयुक्त के पद पर 22 फरवरी 2023 कार्यरत है। इससे पहले वे सहायक कलेक्टर और मजिस्ट्रेट के पदों पर भी कार्यरत रह चुके हैं।

महाराजगंज CDO और गोरखपुर के ज्वाइंट मजिस्ट्रेट भी रह चुके हैं। शानदार कामों के लिए जाने जाते हैं गौरव सिंह दरअसल, 27 जनवरी 2020 को गोरखपुर जिले में SDM सदर की जिम्मेदारी संभालते ही गौरव सिंह सोगरवाल ने अपने कई कामों को लेकर चर्चा में रहे। शहर में करीब 80 एकड़ तो ग्रामीण क्षेत्रों में 350 एकड़ सरकारी जमीन से कब्जा हटाया।इनमें कई नजूल और सीलिंग की जमीन थी जिस पर सालों से कई प्रभावशाली लोगों का कब्जा था। सोगरवाल ने दो दशक से अधिक समय से लंबित ताल सुमेर सागर की करीब 12 एकड़ जमीन भी कब्जामुक्त कराकर उसे फिर से ताल का स्वरूप दिया।इनके कार्यो से देश भर में मिसाल बना था गोरखपुर मॉडल।

जब 2020 में कोरोना की पहली लहर आई और लॉकडाउन लगा तो गौरव सिंह सोगरवाल सदर तहसील में जॉइंट मजिस्ट्रेट/SDM के पद पर कार्यरत थे। लोग घरों में रहें और उन्हें वहीं जरूरत के सभी सामान मिल जाएं, इसके लिए उन्होंने होम डिलीवरी की शुरुआत कराई थी।एक दर्जन से अधिक पोर्टल और एप बनाकर उसके जरिए आर्डर नोट करना और लोगों के घर तक सामान पहुंचाने की मुहिम को काफी तारीफ मिली थी। दवा से लेकर हर सामान इस माध्यम से घर पहुंच रहा था। कई किराना स्टोर संचालकों का नंबर भी सार्वजनिक कर उनसे भी सामान घर-घर पहुंचाने को कहा गया था। नियमित रूप से इसकी मॉनिटरिंग भी होती थी।जरूरतमंदों तक भोजन पहुंचाने में निभाई थी महत्वपूर्ण भूमिका प्रधानमंत्री कार्यालय से भी इस व्यवस्था की तारीफ की गई थी। इसके साथ ही जब शहर के लोग कोरोना की जांच कराने से हिचक रहे थे तो गौरव ने स्वयं ही घर-घर दस्तक दी थी और जांच की महत्ता समझाई थी।नतीजा यह हुआ कि बड़े पैमाने पर लोग घर से निकले और उनके जांच करायी। जरूरतमंदों तक भोजन पहुंचाने में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

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