धर्मेन्द्र कसौधन/राष्ट्रीय ब्यूरो
गोरखपुर। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 से पहले की सरकारों ने नियमों के खिलाफ शिक्षामित्रों को सहायक शिक्षक बनाने की कोशिश की, जिसकी वजह से सुप्रीम कोर्ट ने उनकी सेवाएं समाप्त करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि उस समय डेढ़ लाख परिवारों पर संकट आ गया था, क्योंकि ये लोग कई वर्षों से काम कर रहे थे। तब हमने मंत्रिमंडल में फैसला किया कि इनकी सेवाएं समाप्त नहीं करेंगे, बल्कि इनका सहयोग लेंगे।
मुख्यमंत्री मंगलवार को बाबा योगिराज गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित राज्यस्तरीय शिक्षामित्र सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने समारोह में चयनित शिक्षामित्रों को सम्मानित किया और उन्हें बढ़े मानदेय का चेक भी प्रदान किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षामित्रों को कैशलेस चिकित्सा के साथ ही पारस्परिक स्थानांतरण (म्यूचुअल) की सुविधा का भी ऐलान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब ट्रेड यूनियन वाली सोच और नकारात्मक वृत्ति को पूरी तरह त्याग देना होगा। शिक्षक या शिक्षामित्र केवल मांगों पर अड़े रहेंगे, नकारात्मक सोच रखेंगे, तो न केवल बच्चों की नींव कमजोर करेंगे बल्कि पूरे समाज व राष्ट्र को क्षति पहुंचाएंगे। सकारात्मक भाव के साथ कार्य करने वाले ही अच्छी पीढ़ी तैयार कर सकते हैं। योगी ने कहा कि सभी शिक्षामित्रों को 5 लाख रुपये का सालाना कैशलेस स्वास्थ्य कवर उपलब्ध कराया जाएगा।
महिला शिक्षामित्रों को मायके या ससुराल के पास मिलेगी तैनाती
सरकार ने शिक्षामित्रों को उनके जिले व नजदीकी विद्यालय में तैनाती देने की व्यवस्था की है। खासकर विवाहित महिला शिक्षामित्रों को मायके या ससुराल के निकट विद्यालय में म्यूचुअल ट्रांसफर की सुविधा दी जाएगी।
