पुलिस अधिकारियों की संपत्तियों की जांच की मांग उठाई
नसीम अहमद
स्योहारा। राष्ट्रीय विकलांग एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं दबे कुचले समाज की लड़ाई लड़ रहे एमआर पाशा ने आरोप लगाया कि थानों व पुलिस चौकियों में भ्रष्टाचार हो रहा है। बिना रिश्वत के आम आदमी की सुनवाई नहीं होती है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से लेकर सिपाहियों तक की सम्पत्तियों की जांच कराने की मांग उठाते हुए कहा कि अगर भ्रष्टाचार नहीं रूका, तो वह सड़कों पर उतर कर आंदोलन करेंगे।एक बयान में उन्होंने कहा कि थानों में जमकर भ्रष्टाचार हो रहा है। गरीब फरियादियों की सुनवाई नहीं होती है। अवैध खनन , व नशे का कारोबार धड़ल्ले से हो रहा है। रात भर सड़कों पर अवैध खनन के ओवरलोड वाहन दौड़ते रहते है। जो पुलिस दिन में हैलमेट न लगाने पर दुपहिया वाहन चालकों का चालान कर देती है, वह रात में ओवरलोड अवैध खनन के वाहनों को बाइज्जत जाने देती है। उन्हें सीज नहीं किया जाता है। पुलिस गरीब फरियादियों की रिपोर्ट दर्ज नहीं करती है। पुलिस चौकियों व थानों में उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया जाता है। विकलांगों एवं गरीबों के साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया पुलिस अधिकारियों की सम्पत्तियों की जांच की मांग उठाई जाता है। पुलिस अपने हिसाब से रिपोर्ट दर्ज करती है। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी तत्काल कार्यवाही नहीं होती है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में पुलिस ज्यादा बेलगाम हो गई है। और कोई नियंत्रण नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों से लेकर सिपाहियों के पास तक लग्जरी वाहन है। उन्होंने कहा कि इनकी सम्पत्तियों की जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बरसों से एक ही थानों में जमे पुलिस कर्मियों को हटाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर थानों व पुलिस चौकियों में भ्रष्टाचार नहीं रूकता है, तो उनका संगठन सड़कों पर आंदोलन करेगा। उन्होंने कहा कि पीड़ित जनता सड़कों पर उतरने के लिए तैयार है।

