महराजगंज। मिठौरा क्षेत्र के ग्राम सभा हरदी में इन दिनों भक्ति की अविरल धारा प्रवाहित हो रही है। स्थानीय हरदी सिधावें मठ मंदिर परिसर में ‘श्री श्री शत चंडी महायज्ञ’ एवं ‘रामलीला’ के संयुक्त आयोजन से पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक रंग में सराबोर है। इस दोहरे धार्मिक अनुष्ठान को देखने और पुण्य लाभ कमाने के लिए दूर-दराज से श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है।


​यज्ञ मंडप में विद्वान आचार्यों द्वारा विधि-विधान से पूजन और अरणी मंथन के साथ अग्नि प्रज्वलित की गई।

​अनुष्ठान: प्रतिदिन दुर्गा सप्तशती के पाठ, हवन और विशेष आरती की जा रही है।

​महत्व: मुख्य यजमान ने बताया कि इस महायज्ञ का उद्देश्य विश्व शांति, जनकल्याण और सनातन संस्कृति का प्रचार-प्रसार करना है। यज्ञ की आहुतियों से वातावरण की शुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो रहा है।

​यज्ञ के उपरांत दिन व रात्रि में आयोजित होने वाली रामलीला आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
कलाकार: जय बजरंग बली श्री अवध रामलीला मंडली करौता महराजगंज के प्रोपराइटर वृहस्पति पटेल एवं अवनीश पांडेय के कलाकारों में श्री राम के रूप में संतोष तिवारी,सीता के रूप में पवन निराला, लक्ष्मण के रूप में दीपक दूबे, परशुराम के रूप में रामबचन शर्मा आदि के द्वारा अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया जा रहा है।

मंचन: धनुष यज्ञ, राम-लक्ष्मण संवाद और सीता स्वयंवर ,लक्ष्मण-परशुराम संवाद जैसे प्रसंगों को देखकर दर्शक भावविभोर हो उठे। कलाकारों के अभिनय और आधुनिक प्रकाश व्यवस्था (लाइटिंग) ने दृश्यों को जीवंत बना दिया है।

​आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए प्रतिदिन विशाल भंडारे की व्यवस्था की गई है। जिसमें सुबह और शाम मिलाकर लगभग पाँच सौ से सात सौ श्रद्धालु भोजन करते हैं ।यज्ञ में भारी भीड़ को देखते हुए यज्ञ समिति कार्यकर्ता एवं स्थानीय पुलिस और स्वयंसेवकों की टीम सुरक्षा और यातायात व्यवस्था संभालने में जुटी है।


“यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज को एकता के सूत्र में पिरोने और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का एक प्रयास है।”
​यह धार्मिक महोत्सव आगामी 17 मई 2026 तक चलेगा, जिसका समापन पूर्णाहुति और विशाल भंडारे के साथ किया जाएगा।

विशाल यज्ञ को लेकर हरदी सिधावें मठ निचलौल महराजगंज के महंथ बाबा बलदेव गिरी ने कहा कि,”यह धार्मिक यज्ञ समस्त ग्रामवासियों व क्षेत्रवासियों के सुख,समृद्धि व खुशहाल जीवन के लिए किया जा रहा है।जिसमें ग्रामवासियों का अथाह प्रेम व सहयोग प्राप्त हो रहा है।यदि इसी तरह का जनसहयोग प्राप्त होता रहा तो इससे भी विशाल यज्ञ और भंडारे जैसे धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन प्रति वर्ष किया जाएगा।”

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