हरदोई:मंडप में अधिवक्ता दुल्हन का जिरह,उतरा फर्जी फौजी का भूत,बारात लेकर आया था राहुल हवालात गया देवेन्द्र…

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रिपोर्ट- पुनीत शुक्ला हरदोई

​कहते हैं कि इश्क और जंग में सब जायज है,लेकिन जब ‘जंग’ फर्जी पहचान के दम पर लड़ी जाए और सामने ‘कानून की जानकार’ दुल्हन खड़ी हो,तो अच्छे-भले सूरमाओं के पसीने छूट जाते हैं। हरदोई के शाहाबाद कस्बे में एक ऐसा ही ‘हाई-वोल्टेज’ ड्रामा हुआ, जहाँ सात फेरों के मंडप में एक साहसी दुल्हन ने न केवल फर्जी दूल्हे का नकाब उतार फेंका, बल्कि उसकी पूरी टोली को सीधे हवालात का रास्ता दिखा दिया।

शाहाबाद की अधिवक्ता प्रिया बाजपेयी की जिंदगी में ‘राहुल मिश्रा’ नाम का एक किरदार दाखिल हुआ,जो खुद को भोपाल का रहने वाला और भारतीय सेना का जांबाज सिपाही बताता था। वॉट्सऐप की मीठी बातों और फौजी वर्दी के रौब में आकर दोनों परिवारों ने शादी की तारीख तय कर दी। 12-13 मई की दरम्यानी रात जब बारात गाजे-बाजे के साथ पहुंची, तो किसी को कानो-कान खबर नहीं थी कि दूल्हा बनकर आया शख्स ‘फौजी राहुल’ नहीं, बल्कि छतरपुर (MP) का ‘फरेबी देवेन्द्र’ है।

शादी की रस्में परवान चढ़ने ही वाली थीं कि अधिवक्ता दुल्हन की पारखी नजरों ने दूल्हे के चेहरे पर छिपी घबराहट को ताड़ लिया। जैसे ही प्रिया ने मंडप में दूल्हे से ‘जिरह’ शुरू की, कथित फौजी साहब के होश फाख्ता हो गए। जब सख्ती से पूछताछ हुई, तो राज खुला कि जिससे चैटिंग होती थी, वो ये था ही नहीं।असलियत सामने आते ही दुल्हन ने मंडप में ही शादी ठुकरा दी और दूल्हे को पहचानने से इनकार कर दिया। दूल्हे ने भी हार मानकर कबूला कि उसका नाम देवेन्द्र सिंह परमार है और वो किसी ‘राहुल’ को नहीं जानता।

दुल्हन ने इस धोखाधड़ी को किसी बड़े ‘ऑर्गनाइज्ड क्राइम’ का हिस्सा बताते हुए आशंका जताई कि यह लड़कियों को फंसाने वाला कोई संगठित गिरोह हो सकता है। मौके पर अधिवक्ताओं के भारी आक्रोश को देखते हुए शाहाबाद पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला और दूल्हे सहित 6 शातिरों को दबोच लिया। क्षेत्राधिकारी आलोक राज नारायण के मुताबिक, थाना शाहाबाद में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस ने जिस ‘बारात’ को हवालात पहुंचाया है,उनमें मुख्य अभियुक्त देवेन्द्र सिंह परमार के साथ उसके साथी मंगलदीन,रामौतार बाजपेई,मुकेश सेन,शरीफ और मुलायम यादव शामिल हैं।फिलहाल, पूरे इलाके में इस जांबाज दुल्हन की बहादुरी के चर्चे हैं,जिसने अपनी सूझबूझ से न केवल अपनी जिंदगी बर्बाद होने से बचाई,बल्कि समाज के सामने इन ‘बहरूपियों’ की असलियत भी उजागर कर दी।

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