रिपोर्ट-धर्मेन्द्र कसौधन/ब्यूरो
लखनऊ:उत्तर प्रदेश में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वर्दी का रौब दिखाने और आपत्तिजनक रील्स पोस्ट करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ अब बेहद सख्त एक्शन होने जा रहा है। उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय की ओर से इस संबंध में एक नया और कड़ा दिशा-निर्देश जारी किया गया है।
अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अमिताभ यश द्वारा जारी इस आदेश में साफ कहा गया है कि सोशल मीडिया पॉलिसी का उल्लंघन करने वाले पुलिसकर्मियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ तत्काल विभागीय कार्रवाई की जाए।

पुलिस की छवि और सरकारी काम हो रहा प्रभावित
मुख्यालय द्वारा जारी पत्र के अनुसार, यूपी पुलिस के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए फरवरी 2023 में ही ‘सोशल मीडिया पॉलिसी-2023’ लागू की गई थी। इसके बावजूद यह देखा जा रहा है कि कई सेवारत और ट्रेनी (प्रशिक्षु) पुलिसकर्मी लगातार इस पॉलिसी का उल्लंघन कर रहे हैं। वे सोशल मीडिया पर रील्स और अन्य आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट कर रहे हैं, जिससे न केवल उनका शासकीय कार्य प्रभावित हो रहा है, बल्कि उत्तर प्रदेश पुलिस की गरिमा और छवि पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
आदेश की मुख्य बातें और सख्त निर्देश:
तत्काल विभागीय कार्रवाई:सभी विभागाध्यक्षों और कार्यालय अध्यक्षों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने अधीन जनपदों और इकाइयों में सोशल मीडिया पॉलिसी का उल्लंघन करने वाले कर्मियों की पहचान करें और उनके खिलाफ तुरंत आवश्यक विभागीय एक्शन लें।
बनेगा रिकॉर्ड, यूआरएल रखा जाएगा सुरक्षित:
आदेश में यह भी कहा गया है कि प्रत्येक माह तय प्रोफार्मा के अनुसार दोषी पुलिसकर्मियों पर की गई कार्रवाई की जानकारी अधोहस्ताक्षरी (मुख्यालय) को भेजी जाएगी। इसके साथ ही, जिस विवादित पोस्ट या रील के कारण कार्रवाई की जा रही है, उसके URL सहित पूरा रिकॉर्ड भविष्य के लिए सुरक्षित रखा जाएगा।
डीजीपी की मंजूरी के बाद जारी हुआ आदेश:
यह सख्त पत्र पुलिस महानिदेशक (DGP) उत्तर प्रदेश के अनुमोदन और मंजूरी के बाद ही आधिकारिक तौर पर जारी किया गया है।
विभाग का सख्त संदेश:
इस नए आदेश से साफ है कि विभाग अब पुलिसकर्मियों द्वारा ड्यूटी के दौरान या वर्दी में सोशल मीडिया पर लोकप्रियता बटोरने के प्रयास को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर अब सीधे गाज गिरनी तय है।
