बंद कार में थम गईं बच्चे की सांसें, माता-पिता के लिए चेतावनी
रिपोर्ट- पुनीत शुक्ला MD news हरदोई
हरदोई: कछौना क्षेत्र के टिकारी गांव में एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई,जहां 5 वर्षीय मासूम अभय की कार के अंदर दम घुटने से मौत हो गई। बुधवार सुबह बाहर नहाने निकला मासूम पास ही खड़ी एक कार में खेल-खेल में बैठ गया। कार ऑटोमैटिक लॉक होने और भीषण गर्मी में बंद रहने के कारण अंदर का तापमान भीषण गर्म हो गया। जब कई घंटों बाद परिजनों ने खोजबीन की, तो कार की पिछली सीट पर मासूम का झुलसा हुआ शव मिला। यह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि हर उस परिवार के लिए एक चेतावनी है जो बच्चों की हरकतों पर पैनी नजर नहीं रखते।

पुलिस की प्राथमिक जांच के अनुसार, नहाने के बाद बच्चा कार के अंदर चला गया और दरवाजा बंद होने पर वह खुद को बाहर नहीं निकाल पाया। धूप में खड़ी गाड़ी के भीतर ‘ग्रीनहाउस इफेक्ट’ के कारण चंद मिनटों में ही तापमान बाहर के मुकाबले अधिक हो जाता है, बाहर का तापमान भले ही 40 डिग्री हो लेकिन कार के अंदर तापमान 60 डिग्री से ऊपर पहुंच सकता है।जिससे ऑक्सीजन का स्तर तेजी से गिरता है।विशेषज्ञों के मुताबिक,ऐसे बंद माहौल में बच्चों का शरीर बड़ों की तुलना में तीन से पांच गुना तेजी से गर्म होता है,जिससे हीट स्ट्रोक और दम घुटने से मौत हो जाती है।यह घटना हमें सिखाती है कि घर के आसपास खड़ी गाड़ियों को हमेशा लॉक करके रखना चाहिए और उनकी चाबियां बच्चों की पहुंच से दूर रखनी चाहिए। एक जागरूक समाज के तौर पर हमारी जिम्मेदारी है कि हम बच्चों को अकेले वाहनों के पास न खेलने दें।यदि आपके पास कार है,तो उसे हमेशा लॉक रखें,भले ही वह आपके अपने आंगन या सुरक्षित परिसर में क्यों न खड़ी हो।बच्चों को बचपन से ही यह सिखाएं कि गाड़ी कोई खिलौना नहीं है। आज अभय हमारे बीच नहीं है, लेकिन उसकी यह दर्दनाक विदाई हमारे समाज की आंखें खोलने के लिए काफी है ताकि भविष्य में किसी और मां की गोद सूनी न हो।
