बाराबंकी जिले फतेहपुर थाना क्षेत्र के फतेहपुर महमूदाबाद मार्ग स्थित झांसा गांव में शनिवार भोर हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। तेज रफ्तार डंफर ने सड़क किनारे घर के बाहर सो रहे एक परिवार को कुचल दिया, जिससे पिता समेत तीन मासूम बच्चों की मौत हो गई, जबकि पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे के बाद गांव में चीख-पुकार मच गई और मौके पर भारी भीड़ जुट गई। एक ही परिवार के चार लोगों की मौत से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
झांसा गांव निवासी 35 वर्षीय नीरज अपनी पत्नी आरती और तीन बच्चों 13 वर्षीय अनुराग, 10 वर्षीय अंशिका तथा 6 वर्षीय आंशू के साथ घर के बाहर चारपाई डालकर सो रहा था। क्षेत्र में देर रात बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण भीषण गर्मी से परेशान परिवार घर के बाहर सोने को मजबूर था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक देर रात तेज रफ्तार डंफर अचानक अनियंत्रित हो गया और पहले सड़क किनारे खड़े पेड़ से जोरदार टक्कर मार दी। इसके बाद वाहन सीधे चारपाई पर चढ़ गया और परिवार को कुचलते हुए आगे निकल गया।
हादसा इतना भयावह था कि नीरज और उसके बेटे अनुराग की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। जोरदार आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़ पड़े और पुलिस को सूचना दी गई। गंभीर रूप से घायल अंशिका, आंशू और आरती को तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने अंशिका और आंशू को मृत घोषित कर दिया। गंभीर हालत में आरती को प्राथमिक उपचार के बाद लखनऊ के लोहिया अस्पताल रेफर किया गया है, जहां उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
बताया जा रहा है कि मृतक नीरज किराए पर मैजिक वाहन चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। मेहनत मजदूरी कर किसी तरह परिवार की जिंदगी चल रही थी, लेकिन एक पल में पूरा परिवार उजड़ गया। गांव वालों के अनुसार नीरज बेहद मिलनसार और मेहनती व्यक्ति था। हादसे के बाद परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश भी देखने को मिला।
सूचना पर फतेहपुर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कोतवाल अमित प्रताप सिंह ने बताया कि डंफर चालक हादसे के बाद वाहन छोड़कर फरार हो गया है। पुलिस वाहन को कब्जे में लेकर चालक की तलाश कर रही है तथा मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
ब्यूरो चीफ रामानंद सागर

