धर्मेन्द्र कसौधन/राष्ट्रीय ब्यूरो
लखनऊ। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व व निर्देशन में, दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान, बख्शी का तालाब में सरकारी, अर्धसरकारी विभागों, संस्थाओं के अधिकारियों व कर्मचारियों तथा रचनात्मक कार्यों से जुड़े लोगों को प्रशिक्षण देकर उन्हें अत्यधिक दक्ष और सक्षम बनाने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। इसी कड़ी में दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान, बख्शी का तालाब, लखनऊ द्वारा, महानिदेशक संस्थान सम्प्रति प्रमुख सचिव ग्राम विकास उ०प्र०शासन के संरक्षण व संस्थान के प्र0 अपर निदेशक, सुबोध दीक्षित के मार्ग निर्देशन में संस्थान परिसर के विभिन्न प्रशिक्षण कक्षों में, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत 25 व 26 को, ” एम सी एल एफ बेव पोर्टल डाटा इंट्री प्रक्रिया ” प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीण आजीविका मिशन से सम्बन्धित 84 अधिकारी/ कार्मिकों द्वारा प्रतिभाग किया गया। 25 से 31 ग्राम विकास मंत्रालय, भारत सरकार के एम एस एम ई अभिसरण अन्तर्गत सुगमकर्ता विकसित करने” विषयक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें ग्रामीण आजीविका मिशन से सम्बन्धित 131 अधिकारियों/ कार्मिकों द्वारा प्रतिभाग किया जा रहा है तथा दिनांक 25 से 30
मई की अवधि में, ” माडल संकुल स्तरीय अन्तर्गत प्री-विजनिंग ” विषयक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें ग्रामीण आजीविका मिशन कार्यक्रम से सम्बन्धित 25 अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया जा रहा है।

इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण आजीविका मिशन कार्यक्रम के अन्तर्गत विभिन्न प्रासंगिक एवं उपयोगी विषयों द्वारा सम्बन्धित अधिकारियों और कर्मचारियों की क्षमता संवर्धन हेतु संस्थान द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिससे इसका लाभ आम ग्रामीण समुदाय को प्राप्त हो सके ।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के अन्तर्गत विभिन्न राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय प्रबुद्ध वार्ताकारों द्वारा वार्ताएं प्रदान की जा रही हैं। संयुक्त मिशन निदेशक राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन चन्द्रशेखर गत दिवस प्रशिक्षण मे प्रतिभागियों को सम्बोधित किया।

राज्य स्तरीय ग्रामीण आजीविका मिशन प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रकोष्ठ के नियन्त्रक एवं प्रभारी अधिकारी डा० सत्येन्द्र कुमार गुप्ता, सहायक निदेशक, संस्थान के अधीनस्थ, प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन एवं प्रबंधन के दृष्टिगत डा० विनीता रावत , संकाय सदस्य, विकास श्रीवास्तव, आरती गुप्ता, मोहम्मद शहंशाह तथा उपेन्द्र कुमार दूबे का सराहनीय एवं उल्लेखनीय योगदान है।
