रिपोर्ट पुनीत शुक्ला हरदोई

लखनऊ/हरदोई। सांडी विधानसभा क्षेत्र के समग्र विकास एवं बहुप्रतीक्षित हरदोई-गुरसहायगंज वाया सांडी नई रेल लाइन परियोजना को गति देने की मांग को लेकर सांडी विधायक प्रभाष कुमार, सांडी रेल लाओ संघर्ष समिति एवं श्री सिद्धि विनायक सेवा समिति के अध्यक्ष डॉ. पंकज त्रिवेदी तथा पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष विजय शंकर द्विवेदी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
मुख्यमंत्री को सौंपे गए मांगपत्र में सांडी क्षेत्र के विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मांगें रखी गईं। प्रतिनिधिमंडल ने सांडी नगर का नाम बदलकर “शांतनुपुरी” करने, रोडवेज बस अड्डे की स्थापना, राजकीय महिला डिग्री कॉलेज, औद्योगिक क्षेत्र, स्पोर्ट्स स्टेडियम, राजकीय पॉलिटेक्निक अथवा इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना सहित मुख्य मार्ग के चौड़ीकरण या बाईपास निर्माण की मांग उठाई।
इसके अलावा नगर पालिका परिषद के निकट स्थायी पुलिस चौकी की स्थापना, नगर के सौंदर्यीकरण एवं आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की भी मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि सांडी विधानसभा क्षेत्र आज भी कई मूलभूत सुविधाओं से वंचित है और क्षेत्र की बढ़ती आबादी के अनुरूप विकास कार्यों की आवश्यकता है।
रेल परियोजना को लेकर रखा पक्ष
डॉ. पंकज त्रिवेदी ने मुख्यमंत्री को हरदोई से गुरसहायगंज वाया सांडी नई रेल लाइन परियोजना के संबंध में अलग से ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि यह क्षेत्र की लगभग दो दशक पुरानी मांग है। उन्होंने बताया कि ब्रिटिश काल में हरदोई-सांडी-बिलग्राम-माधोगंज-कानपुर रेल मार्ग पर वर्ष 1942 तक रेल सेवा संचालित होती थी, लेकिन आजादी के बाद इसका संचालन बंद कर दिया गया और पटरियां उखाड़ दी गईं।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2007 में सांडी रेल लाओ संघर्ष समिति का गठन कर रेल लाइन की मांग को लेकर जिला मुख्यालय से लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर तक अनेक धरना-प्रदर्शन, अनशन, हस्ताक्षर अभियान एवं जनआंदोलन चलाए गए। संघर्ष समिति के लगातार प्रयासों के बाद हरदोई से गुरसहायगंज वाया सांडी नई रेल लाइन परियोजना को रेलवे की पिंक बुक में शामिल किया गया।
डॉ. त्रिवेदी ने बताया कि वर्ष 2021 में परियोजना का टोपोग्राफिकल एवं ड्रोन सर्वे कराया गया तथा सीमांकन कार्य भी पूरा किया जा चुका है। वर्ष 2025 में रेलवे बोर्ड द्वारा फाइनल लोकेशन सर्वे को स्वीकृति प्रदान की गई और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर रेलवे बोर्ड को भेजी जा चुकी है। अब केवल वित्तीय स्वीकृति मिलना शेष है।
मुख्यमंत्री से किया विशेष अनुरोध
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अनुरोध किया कि वह रेल मंत्री भारत सरकार से वार्ता कर परियोजना को शीघ्र वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति दिलाने का प्रयास करें, ताकि हरदोई, सांडी, बिलग्राम समेत आसपास के लाखों लोगों का दशकों पुराना सपना साकार हो सके।
डॉ. पंकज त्रिवेदी ने कहा कि यह रेल लाइन क्षेत्र के व्यापार, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार के नए द्वार खोलेगी और क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगी।
