बाराबंकी की तहसील रामनगर क्षेत्र में लखनऊ-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग पर संजय क्षेत्र के निकट बनाए गए पीपा पुल को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में पीपा पुल के आठ पीपों को क्रेन की सहायता से उठाकर बड़े वाहनों पर लोड कर प्रयागराज (इलाहाबाद) भेज दिया गया।
जानकारी के अनुसार, करीब 6 करोड़ 18 लाख रुपये की लागत से तैयार किए गए इस पीपा पुल का निर्माण नदी पर आवागमन सुचारु बनाए रखने के लिए किया गया था। अब संजय सेतु का निर्माण कार्य पूरा हो जाने के बाद पीपा पुल की उपयोगिता समाप्त हो गई है। इसके चलते विभाग ने पीपा पुल को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
रविवार को नदी के किनारे पड़े पीपों को क्रेन की मदद से उठाया गया। इसके बाद उन्हें बड़े वाहनों पर सुरक्षित तरीके से लोड कर प्रयागराज के लिए रवाना किया गया। पीपा पुल की निगरानी कर रहे तिलक राम लोधी और रामशंकर लोधी की देखरेख में यह कार्य पूरा कराया गया।
लोक निर्माण विभाग के जूनियर इंजीनियर सद्दाम ने बताया कि संजय सेतु का निर्माण कार्य अब पूरा हो चुका है। वर्तमान में छोटे वाहनों का आवागमन शुरू कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि बड़े वाहनों के संचालन के लिए भी तैयारियां अंतिम चरण में हैं और उम्मीद है कि 15 जून तक संजय सेतु को बड़े वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा।
पीपा पुल हटाए जाने से विभागीय स्तर पर स्थायी पुल के संचालन की प्रक्रिया तेज हो गई है। स्थानीय लोगों को भी अब लंबे समय से चली आ रही आवागमन की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। संजय सेतु शुरू होने के बाद क्षेत्र के लोगों, व्यापारियों और वाहन चालकों को आ
वागमन में काफी सुविधा मिलेगी।
ब्यूरो चीफ रामानंद सागर

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