रिपोर्ट मनीष कांत शर्मा

बदायूँ: 22 जून। जिलाधिकारी अवनीश राय ने मोहर्रम में पुलिस व प्रशासनिक व्यवस्थाओं के सम्बंध में पुलिस लाइन सभागार में आहूत बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि मोहर्रम परंपरागत तरीके से मनाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि संवेदनशील स्थानों पर ड्रोन से निगरानी की जाए। सोशल मीडिया पर निगरानी की जाए। किसी भी प्रकार की भ्रामक या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली पोस्ट डालने वालो के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। मोहर्रम पर निकलने वाले ताजियों के साथ कोई भी अस्त्र-शस्त्र लेकर नहीं चलेगा यह सुनिश्चित किया जाए।
सोमवार को आहूत बैठक में उन्होंने बताया कि मोहर्रम 17 जून से प्रारंभ होकर दिनांक 26 जून तक मनाया जाएगा। मोहर्रम की 10 तरीख (अशुरा) 26 जून 2026 को होगा। नगर में नगर मजिस्ट्रेट बदायूं नगर क्षेत्र में तथा समस्त उप जिला मजिस्ट्रेट अपने-अपने क्षेत्र में जोनल मजिस्ट्रेट के रूप में रहेंगे तथा अपने-अपने क्षेत्र में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के उत्तरदायी होंगे। उन्होंने बताया कि मोहर्रम को सकुशल रूप से संपन्न करने के लिए जनपद को विभिन्न क्षेत्रों में बांटा गया है प्रत्येक क्षेत्र में मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है कुल 23 मजिस्ट्रेट बनाए गए हैं इसके अतिरिक्त 11 स्टेटिक मजिस्ट्रेट तथा 12 अतिरिक्त मजिस्ट्रेट बनाए गए हैं।
जिलाधिकारी ने प्रभारी अधिकारी स्थानीय निकाय को निर्देशित किया कि समस्त अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद व नगर पंचायत को निर्देशित करें कि वह मोहर्रम के अवसर पर पर्याप्त पेयजल आपूर्ति, मुख्य मार्ग पर चूना डलवाना व समुचित साफ सफाई की व्यवस्था करना सुनिश्चित करें, जिन मार्गाे से ताजिये निकलेंगे उन मार्गों को पहले से ही निरीक्षण कर गड्ढे इत्यादियों को सही करवा लिया जाए। ग्रामीण क्षेत्र में साफ सफाई व पेयजल आपूर्ति के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया गया।
वहीं मुख्य चिकित्सा अधिकारी को एक कंट्रोल रूम स्थापित करने के लिए कहा गया तथा जिला चिकित्सालय अन्य चिकित्सालय में 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं हेतु शिफ्टवार डॉक्टरों तथा पैरामेडिकल स्टाफ की तनाती करने के लिए निर्देशित किया गया। विद्युत विभाग के अधिकारियों को सुचारू विद्युत व्यवस्था व मुख्य अग्निशमन अधिकारियों को सुरक्षा हेतु अग्निशमन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

इसके अतिरिक्त मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को मुख्य मार्गों पर निराश्रित गोवंश को संरक्षित करने हेतु पर्याप्त कैटल कैचर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने बताया कि कलेक्ट्रेट स्थित आईसीसीसी में नियंत्रण कक्ष 24 घंटे संचालित रहेगा। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित अन्य पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी, धर्मगुरु व गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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