धर्मेन्द्र कसौधन/ब्यूरो
महाराजगंज, 2 जुलाई 2026
महाराजगंज–फरेंदा रोड स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग 730 (NH-730) पर आज उस समय व्यवस्थाएं पूरी तरह ध्वस्त नजर आईं, जब TET (शिक्षक पात्रता परीक्षा) के दौरान सड़क पर वाहनों का सैलाब उमड़ पड़ा। परीक्षा केंद्रों की ओर बढ़ रहे हजारों छात्र-छात्राओं के साथ-साथ आम राहगीर, मासूम बच्चे, व्यापारी और अभिभावक भीषण जाम के चंगुल में फंसकर घंटों छटपटाते रहे।
कड़ी धूप और उमस के बीच किलोमीटर लंबे जाम ने जिला प्रशासन के यातायात दावों की पोल खोलकर रख दी। समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचने की जद्दोजहद में जुटे अभ्यर्थियों के चेहरे पर घबराहट साफ देखी जा सकती थी, वहीं एम्बुलेंस और जरूरी सेवाओं में लगे वाहन भी रेंगने को मजबूर दिखे।

36 साल बाद भी महज़ आश्वासन, धरातल पर रिंग रोड गायब
इस गंभीर अव्यवस्था और आम जनता के दर्द को लेकर व्यापार जगत ने भी जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को आड़े हाथों लिया है। मौके पर मौजूद अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के महाराजगंज प्रभारी, अजय राज कसौधन ने तीखा आक्रोश व्यक्त किया।
”महाराजगंज को पूर्ण जिला बने 36 वर्ष और 9 माह का लंबा समय बीत चुका है। इतने दशकों बाद भी जिला मुख्यालय पर एक बाईपास या रिंग रोड का निर्माण नहीं हो सका। अगर समय रहते बाईपास का निर्माण करा दिया गया होता, तो आज हजारों छात्र-छात्राओं, मासूम बच्चों और व्यापारियों को इस तरह की मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना नहीं झेलनी पड़ती। यह नीतिगत विफलता का जीता-जागता उदाहरण है।
जनता पूछ रही सवाल: कब सुधरेगी महाराजगंज की रफ्तार?
हर बार किसी बड़ी परीक्षा या त्योहार के मौके पर महाराजगंज-फरेंदा मार्ग का यही हाल होता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वीआईपी मूवमेंट और कागजी दावों से इतर जमीनी हकीकत बेहद दयनीय है। आज के इस भीषण जाम ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जब तक महाराजगंज को बाईपास या रिंग रोड की सौगात नहीं मिलती, तब तक ऐसी प्रशासनिक विफलताएं और जनता की परेशानियां बदस्तूर जारी रहेंगी।
अब देखना यह है कि इस गंभीर जाम और व्यापार मंडल की इस जायज मांग के बाद क्या सोती हुई व्यवस्था जागेगी, या फिर महाराजगंज की जनता यूं ही जाम के झाम में पिसती रहेगी?
