नीरू दीदी द्वारा डॉ अनुराग को तिलक लगाकर,ओम शांति अंगवस्त्र व प्रतीक चिन्ह भेंटक सम्मानित किया गया
MD NEWS बहुआयामी समाचार
रिपोर्ट शाहनूर आलम जिला सहायक ब्यूरो प्रमुख फतेहपुर
होमियोपैथिक मेडिकल एसोसिएशन ऑफ इंडिया फ़तेहपुर इकाई व इंडियन रेडक्रास सोसाइटी के तत्वावधान एवं डॉ सत्यनारायण सेवा फाउंडेशन के संयोजकत्व में एचएमएआई अध्यक्ष व चेयरमैन फ़तेहपुर तथा कार्यकारिणी सदस्य आईआरसीएस उत्तर प्रदेश डॉ अनुराग श्रीवास्तव द्वारा होमियोपैथी के जन्मदाता डॉ क्रिश्चियन फ्रेडरिक सैमुएल हैनीमैन जी की 183 वी पुण्यतिथि पर जिला चिकित्सालय के महिला वार्ड में सभी मरीजों को फल व बिस्कुट का वितरण किया गया।ततपश्चात डॉ अनुराग द्वारा प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में उपस्थित सभी लोगों को सीपीआर प्रशिक्षण व रक्तदान के विषय में जागरूक किया गया।डॉ अनुराग ने बताया कि 1 वर्ष से ऊपर किसी भी व्यक्ति के हृदय बंद होने पर 1 मिनट में 120 बार दबाब स्टर्नम हड्डी पर व 8 बार सांस एवं 1 वर्ष के बच्चे के केस में 1 मिनट में 60 बार दबाव व 8 बार सांस देकर अस्पताल भेजने से पहले सीपीआर देकर जान बचाई जा सकती है तथा 18 वर्ष से 65 वर्ष की आयु तक के हर स्वस्थ व्यक्ति को रक्तदान करना चाहिए।एक रक्तदान से हम लोग चार जिंदगी बचाते है।प्रत्येक तीन महीने में रक्तदान कर सकते हैं।ततपश्चात डॉ अनुराग व उनके साथियों द्वारा जिला होमियोपैथिक चिकित्साधिकारी कार्यालय में स्थापित डॉ हैनिमैन प्रतिमा स्थल की सफाई व धुलाई की गई और प्रतिमा का माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी गई।इस अवसर पर डॉ हैनीमैन जी के जीवनवृत्त व उनके कृतित्व को याद किया गया।डॉ हैनीमैन MD MBBS थे और उन्हें कई भाषाओं का ज्ञान था और वह अनुवाद करते थे अनुवाद करते समय ही उन्होंने देखा कि कुनैन मलेरिया को ठीक करती है और यदि इसे किसी स्वस्थ व्यक्ति को दिया जाय तो उसमें मलेरिया के लक्षण उत्पन्न हो जाते हैं यहीं से इन्होंने होमियोपैथी विधा की खोज की और सिद्धान्त दिया “सिमिलिया सिमेलिबस क्यूरेटर”अर्थात समान ही समान की दवा है।आज उनकी दी गई इस विधा से पूरे विश्व मे लोग लाभान्वित हो रहे हैं इसीलिए उनके जन्मदिन 10 अप्रैल को विश्व होमियोपैथिक दिवस मनाया जाता है।नीरू दीदी द्वारा डॉ अनुराग को तिलक लगाकर,ओम शांति अंगवस्त्र व प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया।इस अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की नीरू दीदी,दिनेश जी,संरक्षक डॉ शिवप्रसाद त्रिपाठी, डॉ पंकज रस्तोगी,प्रमुख सहयोगी रेडक्रास सोसाइटी के आजीवन सदस्य सुरेश श्रीवास्तव,अभिनव श्रीवास्तव,महेशचन्द्र पूर्व प्रधान चितौरा उपस्थित रहे।

