
सुनो मैं प्रेमचंद’ कार्यक्रम में युवा कवि शिवांश ने किया ‘उन्माद’ कहानी का प्रभावशाली पाठ
वाराणसी। जिला प्रशासन की प्रेरणा से प्रेमचंद मार्गदर्शन केंद्र ट्रस्ट, लमही द्वारा रविवार को आयोजित ‘सुनो मैं प्रेमचंद’ कार्यक्रम में युवा कवि शिवांश विश्वकर्मा ने प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानी ‘उन्माद’ का भावपूर्ण पाठ किया। कार्यक्रम प्रेमचंद की स्मृति को समर्पित था, जिसमें साहित्यकारों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों एवं स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कहानी पाठ के उपरांत ट्रस्ट के संरक्षक प्रो. श्रद्धानंद, डॉ. राम सुधार सिंह, प्रो. महेंद्र प्रताप सिंह, फादर आनंद तथा ट्रस्ट के निदेशक राजीव गोंड ने शिवांश विश्वकर्मा को सम्मानित किया।
कहानी की समीक्षा करते हुए प्रो. श्रद्धानंद ने कहा कि ‘उन्माद’ भारतीय संस्कारों की श्रेष्ठता को स्थापित करने वाली कहानी है, जो प्रेम, क्षमा और परिवार के महत्व को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती है। वहीं डॉ. राम सुधार सिंह ने कहा कि यह प्रेमचंद की अत्यंत संवेदनशील एवं मनोवैज्ञानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रचना है, जिसमें मानव मन की गहराइयों, प्रेम की शक्ति, सामाजिक बंधनों की कठोरता और मानसिक पीड़ा का यथार्थ चित्रण किया गया है। उन्होंने कहा कि यह कहानी केवल एक व्यक्ति की त्रासदी नहीं, बल्कि उस समाज की भी आलोचना है जो मानवीय भावनाओं को समझने में असफल रहता है।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रेमचंद के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर प्रो. महेंद्र प्रताप सिंह, फादर आनंद, नमन श्रीवास्तव, अतुल यादव, संगीत श्रीवास्तव, राहुल यादव, रोहित गुप्ता, समीक्षा त्रिपाठी, आलोक शिवाजी, डॉ. मनोहर लाल, मनोज श्रीवास्तव सहित अनेक साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन आयुषी दूबे ने किया, जबकि स्वागत रोहित गुप्ता एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रो. महेंद्र प्रताप सिंह ने किया।
