एमडी ब्यूरो/लखनऊ:उत्तर प्रदेश में अब मदरसों को मान्यता दिए जाने की तैयारी है। पिछले सात वर्षों से राज्य में किसी भी मदरसे को मान्यता नहीं दी गयी है। राज्य में करीब बीस हजार से अधिक गैर मान्यता प्राप्त मदरसे संचालित हैं।

क्या कहा बोर्ड चेयरमैन ने

उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद के चेयरमैन डा. इफ्तेखार जावेद ने कहा कि गैर मान्यता प्राप्त मदरसों का सर्वे करवाने का आदेश इसी मकसद से जारी किया गया है ताकि ऐसे मदरसों से जुड़ी सूचनाओं को संकलित करवाकर उन्हें मान्यता देने की प्रक्रिया शुरू की जा सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गैर मान्यता प्राप्त मदरसों के इस सर्वे में ऐसे मदरसों के संचालन के आर्थिक स्रोत की भी जानकारी ली जाएगी। मगर इसका मकसद यह नहीं है कि मदरसों को टेरर फण्डिंग से जोड़कर देखा जाए।

ओवैसी को बोर्ड चैयरमैन का जवाब

आल इण्डिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लमीन (एआईएमआईएम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद असद्उद्दीन ओवैसी के ताजा बयान पर पलटवार करते हुए डा.इफ्तेखार जावेद ने कहा कि ओवैसी जैसे लोग तो यही चाहते हैं कि मदरसों के बच्चे सिर्फ पवित्र कुरआन का पाठ करते हुए गर्दन हिलाते रहें। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश बदल रहा है अब यहां के मदरसों में पढ़ने वाले बच्चें और युवा भी विज्ञान, गणित, अंग्रेजी, कम्प्यूटर साइंस जैसे आधुनिक विषय पढ़ेंगे और आगे बढ़ेंगे।

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