सोशल मीडिया पर वीडियो और ऑडियो हुआ वायरल।
रामनगर (बाराबंकी)।
रामनगर तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत लोधौरा महादेवा में तैनात लेखपाल संतोष कुमार एक बार फिर विवादों के केंद्र में हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कई वीडियो और एक कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग ने राजस्व विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में कुछ लोग आरोप लगाते दिखाई दे रहे हैं कि लेखपाल सरकारी कार्यों के बदले भारी रिश्वत की मांग करते हैं और रकम लेने के बाद भी लोगों के काम लंबित छोड़ देते हैं।
सबसे अधिक चर्चा महादेवा कॉरिडोर मुआवजे से जुड़े कथित लेनदेन की है। सोशल मीडिया पर वायरल एक ऑडियो में दावा किया जा रहा है कि मुआवजा दिलाने के नाम पर दिनेश बाजपेई से एक लाख रुपये की कथित डील हुई। वहीं, सूत्रों का कहना है कि कुछ पीड़ितों ने शपथ पत्र के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जिलाधिकारी बाराबंकी को शिकायत भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।

हालांकि, वायरल वीडियो और ऑडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन इनके सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि मामला तहसील और जिला प्रशासन के संज्ञान में होने के बावजूद अब तक न तो किसी सक्षम अधिकारी द्वारा जांच शुरू की गई है और न ही संबंधित लेखपाल के खिलाफ कोई विभागीय कार्रवाई की गई है। इससे भ्रष्टाचार के मामलों में प्रशासन की गंभीरता पर सवाल उठने लगे हैं।
प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का दावा करती है, लेकिन महादेवा से सामने आए इन आरोपों ने उस दावे की भी परीक्षा खड़ी कर दी है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि वायरल वीडियो और ऑडियो में लगाए गए आरोप निराधार हैं तो प्रशासन तत्काल निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सार्वजनिक करे, और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
फिलहाल इस पूरे मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इन गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच होगी या फिर यह मामला भी अन्य शिकायतों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा।
तहसील संवाददाता
रामनगर।
रवि प्रकाश।
