
डिप्टी सीएम बृजेश पाठक से कार्यवाही की मांग को लेकर विधवा महिलाओं की गुहारहमलावरों को गिरफ्तार करने की मांग,
सम्पत्तियों व परिवारिक कारोबार पर किया कब्जा
रिपोर्टर प्रदीप पांडेय बदायूं
लखनऊ। शहर की दो विधवा महिलाओं ने आज यहां उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक से उनके निवास पर मुलाकात कर सम्पत्तियों को हड़पने, जान से मारने की नीयत पर घर पर हमला करवाने और परिवार के कारोबार संस्थान चाणक्य एडवर्टाइजर्स पर वहां के कर्मचारी से मिलकर कब्जा करने वाले मोनिश हसन व उनके साथियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की गुहार लगायी। उप मुख्यमंत्री ने इस मामले को तत्काल संज्ञान में लेते हुये लखनऊ के डीसीपी से कार्यवाही करने के साथ आख्या मांगी है। इससे पहले आज यहां अखण्ड आर्यावर्त आर्य त्रिदंडी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ऋषि त्रिवेदी के साथ पहंुची पीड़ित महिलाओं ने पूरे मामले की जानकारी देते हुये डिप्टी सीएम बृजेश पाठक को पत्र सौंपा। यह दोनों विधवा महिलायें बीते लगभग 45 वर्षों से शहर में विज्ञापन के क्षेत्र में कार्य कर रही प्रमुख एजेन्सी चाणक्य एडवर्टाइजर्स के मुखिया रहे दिवंगत चन्द्रभूषण त्रिपाठी की बहुयें है

। डिप्टी सीएम को दिये गये पत्र में न्याय की गुहार लगाते हुये कहा कि लव और लैण्ड जिहाद की सोच के साथ पहले दिवंगत चन्द्रभूषण त्रिपाठी के बेटी से मोनिश हसन ने प्रेम विवाह किया उसके बाद परिवार के सभी पुरूषों का निधन हो जाने के बाद चन्द्रभूषण की पत्नी गीता त्रिपाठी को अपने पास बुलाकर परिवार की सम्पत्ति को पत्नी शिल्पी त्रिपाठी उर्फ अरशी हसन के नाम गिफ्ट डीड करवा कर हड़प ली और परिवार के मुखिया दिवंगत चन्द्रभूषण त्रिपाठी की विज्ञापन एजेन्सी चाणक्य एडवर्टाइजर्स पर भी वहां के कर्मी समीर पाठक के साथ सांठगांठ कर कब्जा जमा लिया, नतीजा दोनों विधवा महिलायें अपने नाबालिग बच्चों के साथ भरण-पोषण और न्याय के लिये दर-दर भटक रही है। डिप्टी सीएम को दिये गये पत्र में महिलाओं ने बताया कि बीते 21-22 जून की मध्यरात्रि को पीड़िताओं पर हमला करने की नीयत से चार लोग घर में खिड़की तोड़कर घुस आये थे, लेकिन एकाएक नींद खुलने और शोर मचाने पर चारों भाग गये, जिसकी एफआईआर गोमतीनगर थाने में दर्ज होने के बाद भी नामजद मोनिश, शाहबाज और दो अन्य की गिरफ्तारी पुलिस करने से बच रही है।
