धर्मेन्द्र कसौधन/ब्यूरो
महराजगंज:0 से 6 वर्ष तक के बच्चों को विभिन्न प्रकार की दिव्यांगताओं और गंभीर व्याधियों (बीमारियों) से मुक्त कराकर उन्हें पूरी तरह समर्थ बनाने के लिए महराजगंज जिलाधिकारी द्वारा एक बेहद सराहनीय और संवेदनशील पहल की शुरुआत की गई है। इस महत्वाकांक्षी मुहिम को ‘प्रोजेक्ट पहचान’ नाम दिया गया है।

इस परियोजना को धरातल पर पूरी मजबूती और प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से एक विशेष संवेदीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसके तहत तहसील सदर और तहसील निचलौल में कार्यरत कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (CHOs) को ‘प्रोजेक्ट पहचान’ के प्रति जागरूक और संवेदित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान सीएचओ को निर्देशित किया गया कि वे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर एक्टिव रहकर ऐसे बच्चों की पहचान करें, जो किसी भी प्रकार की शारीरिक या मानसिक दिव्यांगता या गंभीर व्याधि से ग्रसित हैं। समय पर पहचान होने से इन मासूमों को सही इलाज और थेरेपी देकर एक सामान्य और आत्मनिर्भर जीवन की ओर अग्रसर किया जा सकेगा।

प्रशासन की इस मुहिम से स्वास्थ्य विभाग के अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं (CHOs) को जोड़ने के बाद अब यह उम्मीद जग गई है कि जिले का कोई भी प्रभावित बच्चा इलाज और सही परामर्श से वंचित नहीं रहेगा।
