धर्मेन्द्र कसौधन/ब्यूरो
महराजगंज। ड्यूटी के 24 घंटे और कंधे पर ‘दो सितारे’ का सपना! महराजगंज के इन जांबाज सिपाहियों ने साबित कर दिया कि खाकी की सख्त ड्यूटी भी ऊंचे हौसलों की राह नहीं रोक सकती। थानों की भागदौड़ और कानून-व्यवस्था संभालने के साथ-साथ इन जवानों ने किताबों से नाता नहीं तोड़ा, और आज नतीजा सबके सामने है—ये सभी आरक्षी अब उपनिरीक्षक (दारोगा) बन चुके हैं।
परीक्षा परिणाम घोषित होते ही महराजगंज पुलिस महकमे में जश्न का माहौल है। विभागीय अधिकारियों से लेकर साथी कर्मचारियों तक, हर कोई इन नवनियुक्त दारोगाओं को बधाई देने और मिठाई खिलाने में जुटा है।
न कोचिंग, न कोई शॉर्टकट: सेल्फ-स्टडी से रचा इतिहास
इन पुलिसकर्मियों की यह कामयाबी इसलिए सबसे खास है क्योंकि इन्होंने किसी कोचिंग संस्थान के सहारे के बिना, सिर्फ सेल्फ-स्टडी (स्वयं अध्ययन) के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। अपराधियों से मोर्चा लेने और त्योहारों-महानिरीक्षणों की व्यस्त ड्यूटी के बीच, जब भी और जहां भी वक्त मिला, इन जवानों ने अपनी किताबें खोल लीं। इनकी यह लगन आज हर उस युवा के लिए मिसाल है जो समय की कमी का रोना रोते हैं।
कंधे पर दो सितारे सजाने वाले महराजगंज के जांबाज
कठिन परीक्षा को पास कर महकमे का मान बढ़ाने वाले जांबाज सिपाहियों का विवरण इस प्रकार है:
| क्र.सं. | चयनित पुलिसकर्मी का नाम | वर्तमान तैनाती (थाना/कोतवाली) | बैच (यदि उपलब्ध हो) |
|---|---|---|---|
| 1 | संदीप प्रकाश | कोतवाली | – |
| 2 | अमन अली शाह | निचलौल | – |
| 3 | हिमांशु तिवारी | परसामलिक | – |
| 4 | प्राची (महिला आरक्षी) | श्यामदेउरवा | – |
| 5 | विवेक कुमार | पनियरा | – |
| 6 | प्रिंस उपाध्याय | कोठीभार | 2018 बैच |
| 7 | हिमांशु मिश्रा | चौक | 2019 बैच |
| 8 | (नाम अप्राप्त) | महराजगंज जिला |
महकमे को गर्व, साथियों में भारी उत्साह
एक साथ 8 आरक्षियों के दारोगा बनने की इस अभूतपूर्व सफलता से पूरे जिले के पुलिस महकमे का सीना गर्व से चौड़ा हो गया है। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि पुलिस की नौकरी में अनुशासन और समय का प्रबंधन सबसे बड़ी चुनौती होती है, और इन जवानों ने उस चुनौती को मात देकर अपनी काबिलियत साबित की है। थानों पर तैनात इनके साथी कर्मचारी अपने दोस्तों की इस कामयाबी को ढोल-नगाड़ों और मिठाइयों के साथ सेलीब्रेट कर रहे हैं।
