ब्यूरो रिपोर्ट/एमडी न्यूज़
सिंदुरिया/महाराजगंज:कानून का खौफ खत्म हो चुका है और नशे के सौदागर एक बार फिर बेखौफ होकर अपना जाल फैलाने लगे हैं। सिंदुरिया थाना क्षेत्र के बलुही धूस चौराहे पर अवैध गांजे का काला कारोबार एक बार फिर से अपनी पुरानी रफ्तार पकड़ चुका है। कुछ महीने की खामोशी के बाद इस धंधे के दोबारा फलने-फूलने से पूरे इलाके के ग्रामीणों में भारी आक्रोश और चिंता व्याप्त है।
स्टिंग का असर हुआ बेअसर
आपको याद दिला दें कि कुछ महीने पहले इसी इलाके में अवैध गांजा बिक्री का एक स्टिंग ऑपरेशन सामने आया था। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में सरेआम गांजा बेचते हुए माफिया कैद हुए थे। वीडियो के तूल पकड़ने पर पुलिस प्रशासन ने शुरुआती सख्ती दिखाई और कुछ दिनों के लिए धंधा बंद हो गया। लेकिन जैसे ही मामला ठंडा पड़ा, धंधेबाज फिर से सक्रिय हो गए और पहले से भी ज्यादा बेखौफ होकर अपनी दुकानें सजा लीं।

रसूखदारों का संरक्षण और सुरक्षित ठिकाना
स्थानीय सूत्रों का दावा है कि इस अवैध नेटवर्क की जड़ें बहुत गहरी हैं। क्षेत्र के कुछ प्रभावशाली और चर्चित चेहरों का हाथ इन धंधेबाजों के सिर पर है। इसी शह के बल पर गांजा माफिया कानून को ठेंगा दिखा रहे हैं।
पहले जो कारोबार छिपकर होता था, अब वह बलुही धूस स्थित बगीचे से खुलेआम संचालित हो रहा है। शाम ढलते ही इस बगीचे में असामाजिक तत्वों, नशेड़ियों और संदिग्ध लोगों का जमावड़ा लगने लगता है, जिससे राहगीरों और स्थानीय लोगों में भय का माहौल है।
खाकी की चुप्पी पर जनता का गुस्सा
इतनी बड़ी घटना और स्टिंग के बावजूद सिंदुरिया पुलिस और स्थानीय प्रशासन की खामोशी पर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस की नजरों के सामने यह खेल चल रहा है, फिर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही।
क्षेत्रीय जनता ने महाराजगंज के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि केवल छोटे-मोटे कारिंदों पर ही नहीं, बल्कि इस काले साम्राज्य को संरक्षण देने वाले बड़े ‘रसूखदारों’ को भी बेनकाब कर उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
