
उपजा स्थापना दिवस पर गूंजा पत्रकारिता, सामाजिक सरोकार और संवैधानिक सुरक्षा का मुद्दा
कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी बोले— आज समाज को रोल मॉडल की जरूरत, डॉ. नागेंद्र कुमार सिंह ने जंतर-मंतर की अमर्यादित भाषा पर जताई चिंता
वाराणसी। उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन (उपजा) की वाराणसी इकाई का स्थापना दिवस समारोह शनिवार को शिवपुर स्थित मारवाड़ी धर्मशाला में गरिमापूर्ण वातावरण में आयोजित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी तथा विशिष्ट अतिथि पत्रकारिता विभाग के अध्यक्ष डॉ. नागेंद्र कुमार सिंह रहे।
मुख्य अतिथि प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और समाज निर्माण में पत्रकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आज के समय में समाज को सकारात्मक रोल मॉडल की आवश्यकता है। उपजा द्वारा पत्रकारिता, साहित्य, चिकित्सा, समाजसेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली विभूतियों को ‘काशी कोहिनूर रत्न सम्मान’ से सम्मानित करना एक सराहनीय और प्रेरणादायी पहल है।
विशिष्ट अतिथि डॉ. नागेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं के एक वर्ग में नकारात्मक मानसिकता और घृणा का वातावरण तैयार किया जा रहा है, जो समाज के लिए चिंताजनक है। उन्होंने हाल ही में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां जिस प्रकार की अमर्यादित और घृणित भाषा का प्रयोग किया गया, उससे पूरे समाज का सिर शर्म से झुक गया। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को अपनी लेखनी के माध्यम से ऐसी मानसिकता का प्रभावी ढंग से प्रतिरोध करना चाहिए।
समारोह में वरिष्ठ अधिवक्ता विजय शंकर रस्तोगी, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. राम सुधार सिंह, डॉ. राम प्रसाद सिंह, समाजसेवी प्रेम कपूर, डॉ. शिप्रा धर तथा समाजसेवी अमन कबीर को ‘काशी कोहिनूर रत्न सम्मान’ से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर काशी के दिवंगत मूर्धन्य पत्रकार स्व. बाबूराव विष्णुराव पराड़कर, स्व. डॉ. भगवान दास अरोड़ा, स्व. ईश्वर चंद्र सिन्हा, स्व. ईश्वर देव मिश्र, स्व. दीनानाथ गुप्त तथा उपजा के संस्थापक सदस्य स्व. दादा पी.के. राय एवं स्व. राधेश्याम लाल कर्ण की पुण्य स्मृति में मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि ने पौधरोपण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
उपजा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं वाराणसी इकाई के अध्यक्ष विनोद कुमार बागी ने कहा कि पत्रकारों को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है, लेकिन उन्हें अब तक संवैधानिक सुरक्षा प्राप्त नहीं है। उन्होंने पत्रकारों को संवैधानिक सुरक्षा की गारंटी दिलाने के लिए संगठन के निरंतर संघर्ष का संकल्प दोहराया।
उपजा के प्रदेश महामंत्री आनंद कर्ण ने कहा कि पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जिले में संगठन की शाखाओं का विस्तार किया जा रहा है, ताकि असुरक्षित महसूस करने वाले पत्रकारों को संगठन के माध्यम से हरसंभव सहयोग मिल सके।
कार्यक्रम में स्वागत भाषण डॉ. अरविंद कुमार सिंह ने दिया, जबकि संचालन महामंत्री मोनेश श्रीवास्तव ने किया। अंत में अनिल जायसवाल ने धन्यवाद ज्ञापित किया। समारोह में उपजा के पदाधिकारियों, सदस्यों तथा काशी के अनेक गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही।
