स्थानीय लोगों का आरोप—भू-माफियाओं ने बेची तालाब की जमीन, प्रशासनिक उदासीनता से बिगड़ते हालात


महोबा। शहर की ऐतिहासिक धरोहर और कभी प्रमुख जलस्रोत रहे कल्याण सागर तालाब की हालत लगातार बदतर होती जा रही है। तालाब का अधिकांश हिस्सा जलकुंभी से पूरी तरह पट चुका है, जबकि किनारों पर बड़े पैमाने पर कूड़ा डाला जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार विभागों की लापरवाही के चलते भू-माफियाओं ने तालाब की जमीन पर अतिक्रमण कर उसका बड़ा हिस्सा बेच दिया है, जिससे वर्षों पुराना यह जलाशय लगातार सिमटता जा रहा है।
नागरिकों का कहना है कि कभी कई बीघों में फैला कल्याण सागर आज अपने मूल स्वरूप से काफी छोटा हो गया है। जलकुंभी के कारण तालाब का पानी दिखाई तक नहीं देता, जिससे जल भंडारण क्षमता प्रभावित हो रही है। दूसरी ओर कूड़ा डंप किए जाने से तालाब को धीरे-धीरे पाटने की आशंका भी जताई जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जलकुंभी की सफाई, कूड़ा फेंकने पर रोक और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं की गई तो शहर की यह ऐतिहासिक धरोहर आने वाले समय में केवल रिकॉर्ड तक सीमित रह जाएगी। नागरिकों ने जिला प्रशासन से तालाब की पैमाइश कराकर अवैध कब्जे हटाने, जलकुंभी की तत्काल सफाई कराने तथा कल्याण सागर के संरक्षण के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग की है।
अरबाज़ हाशमी
जिला ब्यूरो चीफ, एमडी न्यूज़
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