कैथी मंझा, संडरी और परसैया में विधायक व प्रशासन ने संभाली कमान, ग्रामीणों को मिला हरसंभव मदद का भरोसा

वेद प्रकाश राजपूत ब्यूरो चीफ अयोध्या एम डी न्यूज़
सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर से तराई क्षेत्र में बाढ़ का खतरा लगातार मंडरा रहा है। ऐसे मुश्किल हालात में प्रशासन ने राहत और बचाव की तैयारियों को तेज कर दिया है। शनिवार को कैथी मंझा, संडरी और परसैया गांवों में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की टीम ने पहुंचकर 125 बाढ़ प्रभावित परिवारों को राशन किट वितरित की। राहत सामग्री पहुंचने से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली और संकट की घड़ी में प्रशासन के साथ होने का भरोसा भी मजबूत हुआ।
ग्रामीणों के बीच पहुंचे विधायक, सुनीं समस्याएं
राहत सामग्री लेकर गांव पहुंचे रूदौली विधायक रामचंद्र यादव ने ग्रामीणों से सीधे संवाद किया और बाढ़ की स्थिति तथा उनकी समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और प्रभावित परिवारों को किसी भी स्थिति में अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।
विधायक ने ग्रामीणों को जल्द सोलर पैनल उपलब्ध कराने का भी भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्य को और तेज किया जाएगा तथा प्रभावित लोगों तक हरसंभव सहायता पहुंचाई जाएगी।
प्रशासन ने लिया जलस्तर और हालात का जायजा
इस दौरान उपजिलाधिकारी विनोद कुमार गुप्ता और तहसीलदार विजय कुमार गुप्ता ने भी ग्रामीणों से बातचीत कर जलस्तर और बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली। अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों को प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
पशुओं और गृहस्थी को लेकर ग्रामीणों की चिंता
सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से तराई क्षेत्र के ग्रामीणों में अपने घर, गृहस्थी और पशुओं को लेकर चिंता बनी हुई है। हालांकि, समय रहते राहत सामग्री पहुंचने से ग्रामीणों को तत्काल जरूरतों में सहारा मिला है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि यदि जलस्तर में और बढ़ोतरी होती है तो राहत एवं बचाव व्यवस्था को और मजबूत करते हुए प्रभावित परिवारों तक आवश्यक सुविधाएं पहुंचाई जाएंगी।
मौके पर मौजूद रहे अधिकारी और ग्रामीण
राहत वितरण के दौरान कानूनगो अनिल यादव, क्षेत्रीय लेखपाल नकछेद भारती, शिवपाल यादव सहित अन्य कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। प्रशासन की सक्रियता और समय पर राहत पहुंचने से ग्रामीणों में राहत के साथ-साथ सुरक्षा को लेकर विश्वास भी दिखाई दिया।
बाढ़ की चुनौती के बीच प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की यह सक्रियता ग्रामीणों के लिए राहत की उम्मीद बनकर सामने आई है।
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