Category: बहुआयामी-समाचार

नगर व क्षेत्र में गंगा दशहरा पर्व पर विभिन्न स्थानों पर राहगीरों को बांटा गया शर्बत

बिसौली/बदायूं : नगर व क्षेत्र में गंगा दशहरा पर्व पर विभिन्न स्थानों पर राहगीरों को शर्बत बांटा गया। सुबह से ही लोगों की भारी भीड़ गंगास्नान के लिए बस स्टैंड…

उप जिलाधिकारी ने जनता जनार्दन की शिकायतों को सुनकर अधीनस्थों को शीघ्रता से निस्तारण करने के दिए निर्देश

बिसौली/बदायूं : एसडीएम विजय मिश्रा ने अपने कार्यालय में जनता की शिकायतें सुनीं। इस दौरान उन्होंने अधीनस्थों को जनशिकायतों का शीघ्रता से निस्तारण सम्बन्धी निर्देश दिए। क्षेत्र के गांव मानकपुर…

वनस्पति विज्ञान की छात्राओं ने किया जैव विविधता का सर्वेक्षण

बदायूं/उत्तर प्रदेश : पर्यावरण दिवस 5 जून तक उत्तर प्रदेश शासन द्वारा चलाए जाने वाले लाइफ मिशन कार्यक्रम के अंतर्गत राजकीय महाविद्यालय आवास विकास के वनस्पति विज्ञान की छात्राओं ने…

2030 से चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड डिग्री धारक ही बन पाएंगे शिक्षक।इस कोर्स में प्रवेश NTA के माध्यम से…

नई दिल्ली:वर्ष 2030 से चार वर्षीय बीएड या चार वर्षीय एकीकृत अध्यापक शिक्षा कार्यक्रम (आईटीईपी) डिग्री धारक ही शिक्षक बन पाएंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की सिफारिशों के तहत…

यूपी:प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों एवं राजकीय संस्कृत विद्यालयों में अस्थाई रूप से मानदेय पर शिक्षकों की नियुक्ति 3 जून से…

लखनऊ:प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों एवं राजकीय संस्कृत विद्यालयों में अस्थाई रूप से मानदेय पर शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। इस सम्बन्ध में अपर मुख्य सचिव दीपक…

टीडी कालेज की गरिमा को तार तार करने वाले टीचर को प्रबन्ध समिति ने किया निलंबित

रिपोर्ट:तबरेज नियाज़ी जौनपुर। महाविद्यालय की गरिमा को तार-तार करने वाले टीचर के खिलाफ तिलकधारी सिंह महाविद्यालय के प्रबन्ध समिति ने कठोर निर्णय लेते हुए उन्हें आज तत्काल प्रभाव से निलंबित…

स्योहारा से आम आदमी पार्टी के निर्वाचित चेयरमैन शैख़ फैसल वारसी ने ली भव्य शपथ:- बिजनोर

उत्तर प्रदेश जनपद बिजनोर स्योहारा – नगर पालिका परिषद स्योहारा के लिए पहली बार आम आदमी पार्टी के निर्वाचित हुए चेयरमैन शैख़. फ़ैसल वारसी ने आज एक भव्य समारोह में…

RSS राष्ट्रीय सनातन संघ में तेजी से जुड़ रहे महिलाएं : मनीषा बिष्ट

रिपोर्ट:राहुल राव राष्ट्रीय सनातन संघ RSS से लोगों का जुड़ाव तेजी से हो रहा है, लोग स्वतः संगठन की सदस्यता ग्रहण कर रहें है । उक्त बाते राष्ट्रीय सनातन संघ…

नीमच की बेटी हेमलता नायक ने भारतीय टीम में फाइनल तक उम्दा प्रदर्शन किया..

रिपोर्ट:राहुल राव मध्यप्रदेश:नीमच 26 मई 2023 (केबीसी न्यूज़) मध्य प्रदेश के नीमच जिले के ग्राम सुवाखेड़ा के निवासी किसान भगत राम नायक की बेटी हेमलता नायक ने भारतीय केस्ट बाल…

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सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!