Month: May 2022

यू पी बजट 2022:यू पी बजट में शिक्षा में क्या मिला सौगात ,पूरी जानकारी यहाँ से …

उत्तर प्रदेश सरकार ने गुरुवार 26 मई, 2022 को विधानसभा में बजट, 2022 को पेश किया गया।राज्य के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में कुल 6 लाख 15 हजार…

हरदोई:अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार न्याय सुरक्षा परिषद की “राष्ट्रीय” एवं “उत्तर प्रदेश” कार्यकारिणी का हुआ विस्तार..

हरदोई:अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार न्याय सुरक्षा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डीपी सिंह चौहान ने राष्ट्रीय एवं उत्तर प्रदेश कार्यकारिणी का वितार करते हुए जितेन्द्र श्रीवास्तव एडवोकेट को राष्ट्रीय प्रवक्ता, प्रदीप सिंह यादव…

यू पी बजट 2022: बजट में फ्री राशन, मुफ्त सिलेंडर,किसानों के लिए फ्री बिजली,पुष्टाहार सहित बढ़ी पेंशन की राशि प्रस्तावित…

धर्मेन्द्र कसौधन(ब्यूरो): उत्तर प्रदेश बजट 2022:योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट गुरुवार को विधानसभा में पेश किया गया। 6 लाख करोड़ रुपए से अधिक के बजट में कई…

औरैया:बाबा ब्रम्हदेव मंदिर को जाने वाली सड़क खस्ताहाल।कई बार शासन प्रशासन को अवगत कराया गया ,लेकिन शासन-प्रशासन बेखबर।

औरैया-जमौली ब्रम्हदेव मंदिर को जाने वाली सड़क की हालत खस्ताहाल पड़ी है। स्थानीय लोगों ने कई बार शासन प्रशासन से शिकायत की लेकिन अधिकारियों ने अनसुनी कर दी। गड्ढें में…

हरदोई:मोबाइल पेमेंट से मिलेगा रोडवेज बस का टिकट।

हरदोई। दुनिया के साथ ही यूपी परिवहन निगम भी हाईटेक बन रहा है। निगम अब यात्रियों के लिए डिजिटल पेमेंट पर बस टिकट उपलब्ध कराने जा रहा है।इस क्रम में…

आर्य कन्या डिग्री कॉलेज की प्रधानाचार्या वीणा गोपाल मिश्रा को किया गया निलंबित

आपको बताते चलें कि लखीमपुर खीरी के भगवानदीन आर्यकन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ वीणा गोपाल मिश्रा को प्रबंध समिति के सचिव मुदित दीक्षित ने समिति के निर्णय के अनुसार…

थारू जनजातीय क्षेत्र चंदन चौकी पहुंची आकांक्षा चीफ अल्पना, देखी संस्कृति।आकांक्षा अध्यक्ष ने किया सिलाई प्रशिक्षण का शुभारंभ।

लखीमपुर खीरी 25 मई। डीएम की पत्नी व जिला आकांक्षा समिति के अध्यक्ष श्रीमती अल्पना सिंह जिले की सुदूरवर्ती थारू जनजाति क्षेत्र चंदन चौकी पहुंची, जहां उनके प्रथम आगमन पर…

कराए रोडवेज परिसर के अंदर जाने के रास्ते बंद

रोडवेज परिसर में कल चला नगर पालिका का बुलडोजर तो आज चला उत्तर प्रदेश परिवहन निगम का बुलडोजर सहसवान : उत्तर प्रदेश परिवहन निगम रोडवेज बदायूं डिपो के इंचार्ज कदीर…

हरदोई:सी एम ओ ने मांगा ट्रामा सेंटर का ब्योरा,संचालन की उम्मीद दोबारा जगी..

हरदोई। गंभीर मरीजों को इलाज के लिए लखनऊ की दौड़ नहीं लगानी पड़े। इस उम्मीद केे साथ शहर से छह किलोमीटर दूरी पर वर्ष 2016 में ट्रामा सेंटर का संचालन…

रामलीला मैदान पर बनी 22 दुकानों को नगर पंचायत ने किया सील, कब्जा धारकों का कहना है दुकानों का मामला एसडीएम कोर्ट में है लंबित

कब्जा धारकों ने एसडीएम कोर्ट में मुकद्दमा लंबित होने की सूचना दीवार पर अंकित की वजीरगंज : खेल मैदान पर अतिक्रमण कर बनाई गई 22 दुकानों को पंचायत प्रशासन ने…

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सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!